एक ही विधानसभा क्षेत्र में जाटव बिरादरी के दो-दो लोगों को महत्वपूर्ण स्थान दिया जाना भी जाटवों को अपने पक्ष में करने का बड़ा संदेश है। इस बार के विधानसभा चुनाव की बात करें तो पूरे प्रदेश में जाटव बिरादरी के 19 विधायक भाजपा के टिकट से जीतकर आए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि प्रदेश में जाटव बिरादरी के कुल 29 विधायक चुने गए हैं। इनमें बसपा से कोई नहीं है, 10 सपा के टिकट से जीते हैं।
कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में हो जाएंगे पांच जाटव विधायक
कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की 52 विधानसभा सीटों में नौ सुरक्षित सीटें हैं। चार पर जाटव बिरादरी से विधायक बने हैं। कन्नौज से एमएलसी प्रत्याशी बनवारी लाल को भी जोड़ लिया जाए तो इस क्षेत्र में कुल पांच विधायक जाटव समाज से हो जाएंगे।
वोटर संख्या कम होने के बावजूद जाटव बिरादरी राजनीति में गैर जाटवों पर हावी है। कन्नौज के दो विधायकों के अलावा कानपुर नगर के घाटमपुर सीट से भाजपा समर्थित अपनादल के टिकट से सरोज कुरील, रसूलाबाद से पूनम संखवार, फ र्रुखाबाद के कायमगंज से सुरभि गंगवार का नाम शामिल है।