छह माह में 721 हादसे, 271 की जा चुकी जान
ट्रैफिक पुलिस लगातार योजनाएं बनाकर दावे करती है लेकिन अभी तक एक भी योजना का जमीन पर असर नहीं दिख रहा। आंकड़ों की बात करें तो पिछले छह माह में 721 सड़क हादसे हुए हैं जिनमें 271 की जान जा चुकी है। रफ्तार नापने वाली इंटरसेप्टर कार पुरानी होने से उसका रडार काम नहीं कर रहा। स्मार्ट सिटी के तहत प्रमुख चौराहों पर लगे हाईटेक कैमरे बंद हैं।
पांच माह में 2,92,910 चालान
संसाधनों के न होने के बावजूद ट्रैफिक पुलिस हर साल करोड़ों रुपये का जुर्माना जरूर वसूल रहा है। पिछले पांच माह में पुलिस 2,92,910 वाहनों का चालान कर दो करोड़ 42 लाख 68 हजार रुपये रुपये शमन शुल्क वसूल चुकी है।
सभी जोन के डीसीपी से मांगे सुझाव
सड़क हादसों को रोकने के लिए डीसीपी ट्रैफिक आरती सिंह ने जोन के सभी डीसीपी को पत्र भेजकर सुझाव मांगे हैं। कोशिश है कि सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या में 50 प्रतिशत कमी लाने के लिए नए सिरे से एक्शन प्लान तैयार किया जाए। इसमें बेहतर रोड इंजीनियरिंग, दुर्घटना पर रैपिड रिस्पांस, गोल्डन ऑवर में बेहतर ट्रामा केयर सुविधा, प्रभावी कार्रवाई और जन जागरूकता अभियान चलाने की अपील शामिल है।
बीते छह माह में हुए हादसे
माह दुर्घटनाएं मृत घायल
जनवरी 94 38 53
फरवरी 123 40 86
मार्च 136 61 63
अप्रैल 133 55 72
मई 133 41 83
जून 102 36 60
कुल 721 271 417
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। हाईवे पर वाहनों की स्पीड मापने का काम परिवहन विभाग करता है। हमारे पास मौजूदा समय में दो स्पीड रडार गन हैं। वहीं, इंटरसेप्टर कार के रडार ठीक नहीं हैं। इनके लिए शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। -आरती सिंह, डीसीपी ट्रैफिक