इंश्योरेंस कंपनी के ग्राहकों का डाटा खरीदकर प्रीमियम के नाम पर लाखों की चपत लगाने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह के दो और सदस्यों को क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को गिरफ्तार किया। दोनों लखनऊ से गिरफ्तार किए गए हैं। यही आरोपी गिरोह को प्रीएक्टिवेटेड सिम उपलब्ध कराते थे।
ये सिम फर्जी आईडी पर जारी कराते थे। क्राइम ब्रांच ने बीते सप्ताह छह साइबर ठगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। ये सभी आरोपी मैक्सलाइफ इंश्योरेंस कंपनी के एजेंट से ग्राहकों का डाटा खरीदते थे। फिर खुद को कंपनी का अफसर बताकर ग्राहकों को प्रीमियम में छूट देने के नाम पर पैसा ट्रांसफर करा लेते थे।
क्राइम ब्रांच की जांच में पता चला था कि आरोपी सैकड़ों सिमों का इस्तेमाल करते थे। इसी क्रम में मंगलवार को लखनऊ के हजरतगंज स्थित सहारा मॉल के बाहर कैनोपी लगाकर सिम बेचने वाले दशरथपुर फैजाबाद निवासी आकाश सोनी और मुज्जफरमऊ बाराबंकी के चंद्रहास पासी को गिरफ्तार किया।
500-500 रुपये में बेचते थे सिम
सिम बेचने वाले बेहद शातिर हैं। इनके पास से जो शख्स सिम खरीदते हैं, ये उनकी ही आईडी पर कई सिम एक्टिव कर लेते थे। इन सिमों को ये आरोपियों को पांच-पांच सौ रुपये में बेचते थे। ये जो नंबर होते थे, इनको ही आरोपी बैंक से कनेक्ट करवाते थे और खाते खुलवाते थे।
एजेंट के बारे में जुटा रहे जानकारी
ठगी में गिरफ्तार किए गए आरोपी मैक्सलाइफ इंश्योरेंस कंपनी के ग्राहकों का डाटा जुटाते थे। ये डाटा कोई और नहीं इंश्योरेंस कंपनी के एजेंट ही देते थे। क्राइम ब्रांच की टीम ने अब इन एजेंट के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।