फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कानपुर: अंतरराज्यीय ठग गिरोह को सिम बचने वाले लखनऊ से गिरफ्तार, प्रीएक्टिवेटेड सिम कराते थे उपलब्ध

Tue, 15 Jun 2021 11:23 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह के दो और सदस्यों को क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को गिरफ्तार किया। दोनों लखनऊ से गिरफ्तार किए गए हैं।
विज्ञापन
पहले गिरफ्तार हुए थे छह आरोपी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इंश्योरेंस कंपनी के ग्राहकों का डाटा खरीदकर प्रीमियम के नाम पर लाखों की चपत लगाने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह के दो और सदस्यों को क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को गिरफ्तार किया। दोनों लखनऊ से गिरफ्तार किए गए हैं। यही आरोपी गिरोह को प्रीएक्टिवेटेड सिम उपलब्ध कराते थे।
विज्ञापन


ये सिम फर्जी आईडी पर जारी कराते थे। क्राइम ब्रांच ने बीते सप्ताह छह साइबर ठगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। ये सभी आरोपी मैक्सलाइफ इंश्योरेंस कंपनी के एजेंट से ग्राहकों का डाटा खरीदते थे। फिर खुद को कंपनी का अफसर बताकर ग्राहकों को प्रीमियम में छूट देने के नाम पर पैसा ट्रांसफर करा लेते थे।

क्राइम ब्रांच की जांच में पता चला था कि आरोपी सैकड़ों सिमों का इस्तेमाल करते थे। इसी क्रम में मंगलवार को लखनऊ के हजरतगंज स्थित सहारा मॉल के बाहर कैनोपी लगाकर सिम बेचने वाले दशरथपुर फैजाबाद निवासी आकाश सोनी और मुज्जफरमऊ बाराबंकी के चंद्रहास पासी को गिरफ्तार किया। 
विज्ञापन


500-500 रुपये में बेचते थे सिम
सिम बेचने वाले बेहद शातिर हैं। इनके पास से जो शख्स सिम खरीदते हैं, ये उनकी ही आईडी पर कई सिम एक्टिव कर लेते थे। इन सिमों को ये आरोपियों को पांच-पांच सौ रुपये में बेचते थे। ये जो नंबर होते थे, इनको ही आरोपी बैंक से कनेक्ट करवाते थे और खाते खुलवाते थे। 

एजेंट के बारे में जुटा रहे जानकारी
ठगी में गिरफ्तार किए गए आरोपी मैक्सलाइफ इंश्योरेंस कंपनी के ग्राहकों का डाटा जुटाते थे। ये डाटा कोई और नहीं इंश्योरेंस कंपनी के एजेंट ही देते थे। क्राइम ब्रांच की टीम ने अब इन एजेंट के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें