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Kanpur: आय छिपाने वाले 3000 लोगों को आयकर का नोटिस, विभाग ने 18 तरह के स्रोतों से जानकारी जुटाकर की कार्रवाई

Tue, 22 Nov 2022 08:13 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

आयकर निदेशक आसूचना एवं आपराधिक अन्वेषण शुमाना सेन ने बताया कि आयकर की धारा 133 (6) के तहत तीन हजार लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं।
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जानकारी देते आयकर निदेशक आसूचना एवं आपराधिक अन्वेषण शुमाना सेन, साथ में उपनिदेशक अंकित तिवारी, अतुल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अपनी आय छिपाने वाले पश्चिमी उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड के तीन हजार लोगों को आयकर विभाग ने नोटिस जारी किए हैं। इसमें कानपुर रीजन के साढ़े पांच सौ लोग हैं। इन लोगों की सालाना कमाई पांच लाख से लेकर सौ करोड़ रुपये है। नोटिस देकर इन सभी को अपनी कमाई का स्रोत बताने को कहा गया है।

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आयकर निदेशक आसूचना एवं आपराधिक अन्वेषण शुमाना सेन ने मंगलवार को सिविल लाइंस में आउटरीच कार्यक्रम में बताया कि आयकर की धारा 133 (6) के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए पहली बार इस तरह की सूचनाएं एकत्र कर कार्रवाई की गई है। सितंबर में ई-मेल के जरिये नोटिस भेजे गए हैं।

दो मेल भेजे जाएंगे, इसके बाद डाक के जरिये या विभाग के अफसर नोटिस लेकर जाएंगे। संबंधित व्यक्ति इतने नोटिस के बाद भी जवाब नहीं देता है तो 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही आयकर अफसर रिपोर्ट तैयार करेंगे और धारा 148 के तहत मामले की स्क्रूटनी की जाएगी। इस तरह के मामले में संबंधित व्यक्ति ई-वेरिफिकेशन के जरिये ऑनलाइन जवाब दाखिल करेगा। इसके लिए 31 मार्च 2023 तक विभाग के पोर्टल पर दस्तावेज या अपना पक्ष रख सकते हैं।

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इन स्रोतों से जुटाई गई जानकारी
ब्याज की आय, नकदी जमा या निकासी, भूमि व भवन का क्रय विक्रय, म्यूचुअल फंड में जमा राशि, लाभांश, विदेश से भेजी गई रकम, निर्यात, महंगी गाड़ी खरीदने वालों का डाटा, क्रेडिट कार्ड के जरिये लेन-देन करने वाले मामले सामने आने के बाद कार्रवाई की गई है।

अफसर संतुष्ट होंगे तो बच जाएंगे कार्रवाई से
बताया गया कि जिन लोगों को नोटिस भेजा गया है। यदि वो अपना पक्ष रख सकते हैं या आयकर से जुड़े दस्तावेज या लेन-देन बता सकेंगे तो उन पर कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके लिए उन्हें विभाग के पोर्टल पर जाकर एआईएस वार्षिक सूचना विवरण भरना होगा और इस संबंध में दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे।
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10 लाख से अधिक की कार पर नजर
10 लाख से अधिक की कार खरीदने वाले, 30 लाख से अधिक की संपत्ति खरीदने वालों पर विभाग की नजर है। बताया गया कि सरकार ने नकद लेन-देन पर सख्ती की है। इसके बाद भी इन सब में बड़े पैमाने पर नकदी इस्तेमाल में आ रही है। ज्वैलर्स, मवेशी या अंडा कारोबारी भी रडार पर हैं। इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा नकद लेन-देन की सूचना है।

सीए और अधिवक्ता भी हुए शामिल
आयकर विभाग की ओर से आयोजित आउटरीच कार्यक्रम में आयकर निदेशक आसूचना एवं आपराधिक अन्वेषण शुमाना सेन, अपर आयुक्त सतीश राजौरे, उपनिदेशक अंकित तिवारी, आयकर अधिकारी अतुल खन्ना, मनमोहन मिश्रा के अलावा सीए राजीव मेहरोत्रा, प्रशांत रस्तोगी, अभिषेक पांडेय, अधिवक्ता शिवमंगल जौहरी, प्रदीप मेहरोत्रा, शैलेंद्र सचान आदि मौजूद रहे।

छोटे-बड़े हर जिले में बढ़ती जा रही कमाई
कानपुर नगर, कानपुर देहात, बांदा, हमीरपुर, जालौन, झांसी, चित्रकूट, औरैया, इटावा, मथुरा, आगरा समेत कानपुर जोन में आने वाले छोटे-बड़े जिलों में अकूत कमाई करने वाले को नोटिस भेजा गया है।
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