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सचिन, शातिरों की धमकियों से नहीं डर रहे
जैसे ही ठगों ने पैसों की मांग की, वह समझ गए कि यह एक फ्रॉड है। उन्होंने घबराने के बजाय धैर्य से काम लिया और ठगों को पैसे देने से साफ इन्कार कर दिया। जब अपराधियों को लगा कि सचिन उनकी धमकियों से नहीं डर रहे हैं, तो उन्होंने संपर्क तोड़ दिया। इस घटना के बाद सचिन देव आनंद अन्य कर्मचारियों और ग्रामीणों के लिए मिसाल बन गए हैं।