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Kanpur Human Trafficking: कारोबारी के ससुर और तस्कर के बीच हैं पुराने संबंध, बोला- पहले भी ले चुके हैं बच्चे

Wed, 11 Dec 2024 06:37 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: पुलिस ने कारोबारी, उसकी पत्नी व ससुर समेत चार लोगों के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज किया और कारोबारी को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि गोविंदनगर के बी-ब्लॉक में रहने वाले कारोबारी अंकित आनंद के लखनऊ निवासी ससुर ने एक दलाल से ये बच्चे खरीदे थे।
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Kanpur Human Trafficking - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में बच्चे को बंधक बनाकर शौचालय साफ कराने के आरोपी फर्नीचर कारोबारी अंकित आनंद के ससुर सुनील मलिक और मानव तस्कर पप्पू यादव के बीच पुराने संबंध हैं। ऐसा पहली बार नहीं है कि ससुर ने किसी बच्चे को खरीदा हो। वह पहले भी घर की साफ सफाई के लिए पप्पू यादव से बच्चे खरीदते रहा है। इस बात का खुलासा फर्नीचर कारोबारी ने पुलिस की पूछताछ में किया है।

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पुलिस द्वारा मानव तस्करी के आरोप में पकड़े गए गोविंदनगर बी-ब्लॉक निवासी अंकित के मुताबिक गुरुग्राम में रहने वाला पप्पू कई साल से ससुर का परिचित है। वह उन्हें घर के काम के लिए समय-समय पर बच्चे बेचता रहा है। अंकित के मुताबिक उसकी पत्नी साक्षी कुछ माह पहले मायके आलमबाग गई थी। वहीं पर ससुर के जरिये पप्पू यादव से मुलाकात हुई थी।

आरोपियों व अन्य बच्चों की तलाश में टीमें सक्रिय
डीसीपी साउथ अंकिता शर्मा ने बताया कि बच्चे का पिता गुरुग्राम से आ रहा है। उसके आने के बाद उससे पप्पू यादव के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। पप्पू यादव द्वारा पहले भी बच्चे सप्लाई किए जाने की बात जांच में सामने आई है। ऐसे में आरोपियों व अन्य बच्चों की तलाश में टीमें सक्रिय कर दी गई हैं।

ससुर ने खरीदे बच्चे, दामाद ने बंधक बना साफ कराए शौचालय
उन्हें घर के काम के लिए नौकर की जरूरत थी, तो ससुर जी ने बच्चा खरीदकर उन्हें भेंट कर दिया। वह भी सिर्फ 12 साल का। गोविंदनगर के फर्नीचर कारोबारी के घर में उससे हर तरह का काम लिया गया। शौचालय तक साफ करवाया। बंधकों की तरह रखा। घर जाने के लिए छुट्टी मांगी तो मालकिन ने पीटा।

एक दलाल से खरीदे थे बच्चे
मंगलवार को एक शिकायत पर पुलिस ने बच्चे को कारोबारी के घर से बरामद कर लिया। मामला मानव तस्करी का निकला। पुलिस ने कारोबारी, उसकी पत्नी व ससुर समेत चार लोगों के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज किया और कारोबारी को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि गोविंदनगर के बी-ब्लॉक में रहने वाले कारोबारी अंकित आनंद के लखनऊ निवासी ससुर ने एक दलाल से ये बच्चे खरीदे थे।

कारोबारी की पत्नी ने बंधकों की तरह व्यवहार किया
12 और आठ साल के इन दो बच्चों के लिए उसने 60 हजार रुपये दिए थे। एक बच्चा उन्होंने अपने पास रख लिया और दूसरा बेटी साक्षी के घर कानपुर भेज दिया। कारोबारी की पत्नी साक्षी ने उससे बंधकों की तरह व्यवहार किया। खाना भी उतना ही दिया कि वह काम करता रहे। ऐसे में बच्चे ने किसी तरह परिजनों को हालात बताए।

फोन कर बेटे को बचा लेने की गुहार लगाई थी
पहले कमाई के लालच में बच्चों को दलाल को सौंपने वाले पिता ने इस पर पुलिस से शिकायत की। फिर पुलिस ने बच्चे को मुक्त कराया। वहीं, दूसरे बच्चे को छुड़ाने के लिए एक टीम लखनऊ भेजी दी गई। गोविंदनगर थाना प्रभारी ने बताया कि गुरुग्राम से श्रीभगवान नामक व्यक्ति ने फोन कर बेटे को बचा लेने की गुहार लगाई थी।  बताया कि कुछ लोग बेटे को बंधक बनाकर उससे मारपीट कर रहे हैं।
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फर्नीचर कारोबारी को हिरासत में लिया
सूचना पर पुलिस की टीम कारोबारी अंकित आनंद के घर पहुंची। वहां मिले 12 साल के बच्चे ने पुलिस को अपने साथ हो रही ज्यादती की दास्तान बताई तो पुलिस उसे अपने साथ थाने ले आई। फर्नीचर कारोबारी को हिरासत में ले लिया। कारोबारी ने बताया कि ससुर सुनील मलिक ने गुरुग्राम के दलाल पप्पू यादव से बच्चे खरीदे थे। बच्चे बिहार के पूर्वी चंपारण के श्रीभगवान महतो के थे। वे मौजूदा समय में गुरुग्राम में काम कर रहे हैं।
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