नर्सिंग छात्रा की हत्या करने वाले हिस्ट्रीशीटर बिल्हौर के मोहल्ला चोहटा निवासी वीरेंद्र उर्फ अशोक शर्मा को फास्ट ट्रैक कोर्ट 52 के न्यायाधीश पीयूष सिद्धार्थ ने बुधवार को उम्रकैद और 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। बिल्हौर के त्रिवेणीगंज निवासी निशा हैलट से जनरल नर्सिंग मिडवाइफरी का कोर्स कर रही थीं। इसी बीच निशा मोहल्ले के रहने वाले हिस्ट्रीशीटर अशोक के संपर्क में आईं। दोनों में प्रेम संबंध हो गए। अशोक ने काकादेव लोहारन भट्ठा स्थित गंगा का हाता में ऊषा साहू के मकान में एक किराये का कमरा लिया। यहां उसने अपना नाम वीरेंद्र बताया। इसी कमरे में निशा अक्सर उससे मिलने आती थी। कई बार दोनों के बीच झगड़ा भी होता था।
निशा के बारे में पूछने पर वीरेंद्र उसे अपनी पत्नी बताता। 21 फरवरी 2016 को ऊषा परिवार के साथ बिठूर में एक शादी समारोह में गई थीं। अगले दिन शाम को लौटीं। 23 फरवरी को सुबह उठने पर वीरेंद्र के कमरे से दुर्गंध का अहसास हुआ। कमरे में बाहर से ताला लगा था। इस पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने ताला तोड़ा तो अंदर निशा की लाश पड़ी थी। उसकी गर्दन व सिर में कई चोटें थीं और वीरेंद्र लापता था।
ऊषा ने वीरेंद्र के खिलाफ रावतपुर थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एडीजीसी ने बताया कि वीरेंद्र हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। बिल्हौर में एक कारोबारी की हत्या कर लाखों की लूट करने के मामले में भी वीरेंद्र आरोपी है। हत्या के मुकदमे में अभियोजन की ओर से 13 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने वीरेंद्र को दोषी मानकर सजा सुनाई।