अपराध में शामिल कर्मचारियों की भी तलाश
पुलिस के हाथ से अनुष्का के निकल जाने के बाद उसकी गिरफ्तारी की जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच को दी गई थी। डॉ. अनुष्का के साथ इस अपराध में शामिल कर्मचारियों की भी तलाश में पुलिस जुटी है। इनमें क्लीनिक में काम करने वाली तीन युवतियां शामिल हैं। यह युवतियां डॉक्टर के अपराध की जानकार हैं। इनसे कई बड़े राज खुलकर सामने आने की उम्मीद है।
इसी क्लिनिक पर हुआ हेयर ट्रांसप्लांट
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सीसीटीवी, डीवीआर, दस्तावेज आदि कर दिए थे गायब
ये युवतियां क्लीनिक खुलने से लेकर बंद होने तक रहती थीं। मरीजों को मिलने का समय देने, उनका रिकार्ड रखने, फीस जमा कराने, हेयर ट्रांसप्लांट की पूरी व्यवस्था करने जैसी अहम जिम्मेदारियां निभाती थीं। हेयर ट्रांसप्लांट से इंजीनियर विनीत दुबे की मौत की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी मिलते ही अनुष्का और उनके पति ने क्लीनिक से सीसीटीवी कैमरे, डीवीआर, दस्तावेज आदि गायब कर दिए थे।
पांचों की तलाश में जुटी है पुलिस
क्लीनिक से कोई महत्वपूर्ण जानकारी न मिलने पर पुलिस ने अनुष्का से हेयर ट्रांसप्लांट कराने वाले कई लोगों से संपर्क किया। लोगों के बयानों से पुलिस को इन तीनों युवतियों की जानकारी और उनके मोबाइल नंबर मिले। पुलिस ने तीनों से फोन पर बात की। तीनों युवतियों ने पुलिस को वहां काम करने की तो जानकारी दी, लेकिन खुद को मामले से दूर रखने की बात कहते हुए अपने मोबाइल बंद कर लिए। पुलिस अभी तक तीनों युवतियों और दोनों युवकों तक नहीं पहुंच सकी है।
हेयर ट्रांसप्लांट के बाद इंजीनियर मयंक के चेहरे पर आई थी सूजन
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पकड़ा जा चुका है अनुष्का का झूठ
इंपायर क्लीनिक में सहायक अभियंता विनीत और इंजीनियर मयंक का हेयर ट्रांसप्लांट हुआ था। डॉ. अनुष्का लगातार इससे इन्कार कर रही थी। सर्विलांस टीम को सीडीआर में विनीत और मयंक के हेयर ट्रांसप्लांट के दौरान अनुष्का के साथ सात घंटे तक होने की लोकेशन मिली। इससे अनुष्का का यह झूठ भी पकड़ा गया। अनुष्का ने आठ बिंदुओं पर आधारित अपना जवाब पुलिस को डाक के माध्यम से भेजा था। उसमें लिखे कई जवाब झूठे निकले हैं।
डॉ. अनुष्का की बीडीएस की डिग्री जांच के लिए फरीदाबाद मेडिकल कॉलेज भेजी गई थी, जोकि असली पाई गई। वहीं, विसरा रिपोर्ट के लिए विवेचक ने लैब को रिमाइंडर भेजा है। -दिनेश त्रिपाठी, डीसीपी वेस्ट