ब्रेन हेमरेज के 1000 केस की हिस्ट्री देखी
दूसरे नंबर पर पोंस क्षेत्र में माइक्रो एन्यूरिज्म पाया गया। इसके बाद मस्तिष्क के पीछे के तरफ के हिस्से में फेरीपेलम में ब्लीडिंग मिली है। उन्होंने बताया कि बीपी और डायबिटीज के रोगियों की रक्तवाहिनियों की अंदर की दीवार कमजोर हो जाती है। इसमें हल्के गुब्बारे बनते हैं। ये गुब्बारे अधिक प्रेशर होने पर फट जाते हैं। उन्होंने बताया कि एक साल के अंदर ब्रेन हेमरेज के 1000 केस की हिस्ट्री देखी गई।
बहुत से रोगी बिस्तर पर ही रहते हैं
ब्रेन हेमरेज के पांच फीसदी मामलों में सर्जरी करनी पड़ती है। मस्तिष्क के ऑपरेशन से रोगियों की जान बच तो जाती है लेकिन उन्हें जीवन भर दिव्यांगता का सामना करना पड़ता है। बहुत से रोगी बिस्तर पर ही रहते हैं। जिनकी नस कम फटी होती है, उनका दवाओं से इलाज किया जाता है।
बीच में दवाएं न छोड़ें रोगी
डॉ. मनीष सिंह का कहना है कि ब्रेन हेमरेज से बचना आसान है। इसमें सिर्फ बीपी नियंत्रित रखना है। अगर रोगी लापरवाही में बीच में दवाएं न छोड़ें और गर्मी, जाड़े में खुराक दुरुस्त कराते रहें तो इस मुसीबत से बच सकते हैं। बीपी नियंत्रण से हृदय, आंख और शरीर के दूसरे अंग सुरक्षित रहते हैं।