उधर, गंगा की धारा को इस पंपिंग स्टेशन की तरफ मोड़ने के लिए बंधा बनाने की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। जल्द ही इसके लिए टेंडर कराए जा सकते हैं। जलकल विभाग के अवर अभियंता रविकांत ने बताया कि यदि गंगा का जलस्तर 355 फीट पर आ जाता है तो पंपिंग स्टेशन में लगे पंपों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाएगा। इससे पंप के बंद होने या फुंकने की आशंका रहती है। इस स्थिति से बचने के लिए गंगा में बंधा बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। बंधा बन जाने से गंगा की धार को पंपिंग स्टेशन की ओर मोड़ा जा सकेगा।
इन क्षेत्रों में जाता है पानी
जलकल विभाग शहर में पानी की आपूर्ति के सबसे बड़े स्रोत भैरोघाट पंपिंग स्टेशन से रोज 20 करोड़ लीटर कच्चा पानी लेता है। यह पानी बेनाझाबर वॉटर वर्क्स में पहुंचता है। यहां लोअर गंगा केनाल से भी पांच करोड़ लीटर कच्चा पानी आता है। इस प्रकार 25 करोड़ लीटर कच्चे पानी को शोधित कर स्वरूपनगर, आर्यनगर, हरबंशमोहाल, मोतीमोहाल, लक्ष्मीपुरवा, कारवालोनगर, झकरकटी, भन्नानापुरवा, रायपुरवा, प्रेमनगर समेत 67 वार्डों के कई क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति होती है।
दो साल पहले भी बना था बंधा
2021 में भी गंगा का जलस्तर कम होने की वजह से जलकल विभाग को गंगा में बंधा बनाकर मुख्य धारा को भैरोघाट पंपिंग स्टेशन की तरफ मोड़ना पड़ा था। गर्मी शुरू होने से पहले बंधा बनाने के लिए 10 लाख का टेंडर कराया गया था।
नंबर गेम
- 356.8 फीट था 14 मार्च को जलस्तर
- 355.5 फीट न्यूनतम जलस्तर भैरोघाट पंपिंग स्टेशन से पर्याप्त पानी लेने के लिए
- 20 करोड़ लीटर कच्चा पानी भैरोघाट पंपिंग स्टेशन से रोज लिया जाता है।