रोगियों को फंगल संक्रमण जल्दी होता है
फफूंदी के कण माहौल में तैरा करते हैं। सांस के साथ अंदर भी जाते हैं, लेकिन शरीर की प्रतिरोधक क्षमता के कारण नुकसान नहीं पहुंचा पाते। इम्युनिटी कमजोर होने पर संक्रमण हो जाता है। डायबिटीज के रोगियों को फंगल संक्रमण जल्दी होता है। यह शरीर के किसी भी अंग में चला जाता है। रोगियों की हिस्ट्री के अध्ययन में पाया गया कि त्वचा पर फफूंदी संक्रमण की शुरुआत हुई।
गाइडलाइन में कोताही बरतते हैं रोगी
इसके बाद यह रोगियों के मूत्र तंत्र में फैल गया। इस संबंध में 48 रोगियों का ब्योरा लिया गया। रोगियों में टीनिया कारपोरिस, टीनिया फ्लूरोसिस आदि फफूंदी का संक्रमण पाया गया। डॉ. गुप्ता ने बताया कि रोगियों में डायबिटीज के अनियंत्रित रहने का मुख्य कारण समय पर डॉक्टर को न दिखाना, दवाएं छोड़ देना या फिर तय अवधि से अधिक समय वही दवाएं खाते रहना पाया गया। इसके साथ ही रोगी शारीरिक श्रम संबंधी गाइडलाइन में कोताही बरतते हैं।