कानपुर में आयुर्वेदिक दवा में एलोपैथिक औषधीय तत्व नियोमाइसिन की मिलावट की जांच में पुष्टि हुई है। ड्रग विभाग की टीम ने दो अप्रैल को रतनलालनगर स्थित मेसर्स भगवती मेडिकल एंड जनरल स्टोर से दवा का नमूना लिया था। आयुर्वेदिक औषधि हिमैक्स ऑइंटमेंट (वेट) के नमूने को जांच के लिए लखनऊ की प्रयोगशाला भेजा। औषधि निरीक्षक रेखा सचान ने बताया कि प्रयोगशाला की जांच में नियोमाइसिन तत्व का पहचान परीक्षण सकारात्मक पाया गया।
मलहम की निर्माण तिथि दिसंबर 2024 और समाप्ति तिथि नवंबर 2027 है। शुरुआती जांच में पाया गया कि यह दवा मेसर्स इंडियन हर्ब्स स्पेशलिटीज प्राइवेट लिमिटेड, शिवपुरी, सहारनपुर में बनाई गई। भगवती मेडिकल एंड जनरल स्टोर, दबौली, रतनलाल नगर में बेची जाती रही। आयुर्वेदिक औषधियों में एलोपैथिक तत्वों का मिश्रण न केवल कानूनन वर्जित है, बल्कि इससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव भी पड़ सकते हैं।