खुद को स्टेट जीएसटी का अफसर बताकर पनकी में गाड़ी रोककर 10 हजार की ठगी मामले में नया मोड़ आ गया है। जिस सिपाही सेवालाल के गूगल पे एकाउंट में रुपये डाले गए थे, उसने शनिवार सुबह व्यापारी के वॉलेट खाते में रुपये वापस कर दिए। वहीं इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
एसजीएसटी कार्यालय ने भी जांच शुरू कर दी है। मोबाइल वैनों की ट्रेसिंग कराई जा रही है। ट्रक उप्र सीमेंट डीलर एसोसिएशन के पूर्व प्रदेश महामंत्री नवीन डारोलिया का था। उन्होंने बताया कि ट्रक में एक लाख 80 हजार का माल था। यदि दस्तावेज में कमी थी तो कर और जुर्माना मिलाकर 80 हजार रुपये की देनदारी निकल रही थी, जबकि ठगी करने वालों ने 19 हजार की पेनाल्टी बताई थी।
वहीं एसजीएसटी के अपर आयुक्त ग्रेड दो एसआईबी बृजेश कुमार मिश्रा का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। विभाग से जुड़ा मामला है, तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। वहीं सहायक पुलिस आयुक्त निशांक शर्मा ने बताया कि खुद को जीएसटी टीम बताकर व्यापारी से ठगी करने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।