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Kanpur Flood: बाढ़ की चपेट में 22 गांव...बढ़ी दुश्वारियां, बोेले- खाना बनावएं तक के जगह नहीं बची, पढ़ें अपडेट

Sat, 26 Aug 2023 04:51 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के बाद बैराज किनारे बसे 22 गांवों में गंगा का पानी घुस गया है। इससे करीब 150 बीघा फसल बर्बाद हो गई है। खेतों में तीन से चार फीट पानी तीन दिन से भरा हुआ है।
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कानपुर में बाढ़, गांवों में घुसा पानी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में गंगा किनारे बसे भारतपुरवा गांव से अपनी गृहस्थी समेटकर किसी तरह बैराज-सिंहपुर मार्ग पर पहुंचे किसान गया प्रसाद पन्नी का आशियाना बनाने में जुटे थे। बड़े ही उदास मन से बताते हैं कि ‘बबुआ करीब तेरा बरस पहिले हमरे गांव मा पानी भरा राहे। तब से अईस बाढ़ हम नहीं दीख। पूरी फसल चौपट हुई गए है।  घर मा खाना बनावएं तक के जगह नहीं बची है।

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हरहा-गोरू (मवेशी) तक सड़क किनारे लाके बांध दीन है। अब अपने अऊर बच्चन के रहे खातिर तंबू तान रहेन।’ गया प्रसाद के आशियाना बनाने में मदद कर रहे इसी गांव के नंद किशोर की पीड़ा भी कुछ ऐसी ही रही। कहते हैं ‘अबकी बार करेला अऊर भिंडी बोई राहे, सब बाढ़ मां बर्बाद हुई गै। इस तरह की पीड़ा से ये दो किसान ही नहीं बल्कि इस गांव के करीब 50 परिवार सड़क पर रहने को मजबूर हैं।
150 बीघा फसल चौपट, बच्चों की पढ़ाई ठप
पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के बाद बैराज किनारे बसे 22 गांवों में गंगा का पानी घुस गया है। इससे करीब 150 बीघा फसल बर्बाद हो गई है। खेतों में तीन से चार फीट पानी तीन दिन से भरा हुआ है। वहीं, तीन गांवों से शुक्रवार को भी पलायन जारी रहा। वहीं गांवों में बने स्कूलों में पानी भर जाने से बच्चों की पढ़ाई भी चौपट है। भगवानदीनपुरवा, चैनपुरवा, भोपालपुरवा के 50 से अधिक घरों में भी पानी घुस गया है।

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42 परिवारों को राशन किट बांटी
16 परिवारों को कांशीराम प्राथमिक स्कूल में रखा गया है। वहीं पर भोजन-पानी की व्यवस्था की जा रही है। वहीं पर जानवर भी बांधे हैं। सबसे ज्यादा मुसीबत पट्टे पर खेती करने वालों पर है। शुक्रवार दोपहर 12 बजे एडीएम एफआर राजेश कुमार और तहसीलदार रितेश कुमार ने नाव से तीन गांवों का निरीक्षण किया। साथ ही चैनपुरवा में 42 परिवारों को राशन किट बांटी और बैराजमार्ग पर रह रहे लोगों को करीब 100 तिरपाल भी बांटे।

माता-पिता घर से सामान निकाल रहे, बच्चे बना रहे खाना
सिंहपुर चौराहे के बैराज मार्ग के पास भोपालपुरवा का 10 साल का साहिल अपने आठ साल के छोटे भाई हिमांशु के साथ ईंट के बने चूल्हे में खाना बना रहा था। साहिल ने बताया वह गांव के सरकारी स्कूल में कक्षा छह और भाई हिमांशु कक्षा चार का छात्र है। स्कूल में पानी भरने से पढ़ाई ठप है। मां सुनीता और पिता कमलेश घर का सामान बाढ़ के पानी से निकालने गए हैं।
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बाढ़ से प्रभावित गांव
  • कोहना चौकी के पूरब की ओर चैनपुरवा, धारमखेड़ा, दिगनीपुरवा, पहाड़ीपुर, छोटा मंगलपुर।
  • बैराज से सिंहपुर की ओर भोपालपुरवा, बनियापुरवा, बंगला, पुराना ढल्लापुरवा, गिल्ली का पुरवा, दुर्गा का पुरवा, भगवानदीनपुरवा।
  • जाजमऊ से उन्नाव की ओर जाने गांव, छब्बूपुरवा, गुट्टीपुरवा, निहालखेड़ा, नई बस्ती, नया पीपरखेड़ा, पुराना पीपरखेड़ा, दीनकनगर, बदुवाखेड़ा, जुराखनखेड़ा।
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