कानपुर में ठंड में हार्ट और ब्रेन अटैक के रोगी अस्पतालों में लगातार आ रहे हैं। मंगलवार को हार्ट अटैक से पांच और ब्रेन अटैक से दो रोगियों की जान गई। हैलट की इमरजेंसी में ब्रेन अटैक के तीन रोगियों को गंभीर हालत में भर्ती किया गया। साथ ही हार्ट अटैक और ब्रेन अटैक के रोगी निजी अस्पतालों में भी भर्ती हो रहे हैं।
कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी में 30 रोगियों को गंभीर हालत में भर्ती किया गया। हैलट ओपीडी में तीन रोगी बेहोशी की हालत में आए। यहां से उन्हें इमरजेंसी भेज दिया गया। ब्रेन अटैक के रोगियों के मस्तिष्क की नस फट जा रही है। इन रोगियों को न्यूरो सर्जरी में भर्ती किया गया है।
उप प्राचार्य डॉ. रिचा गिरि का कहना है कि ठंड में अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ने से खून का थक्का जम जाता है। इससे हार्ट अटैक और ब्रेन अटैक का खतरा रहता है। कार्डियोलॉजी में चार रोगी मृतावस्था में लाए गए। एक रोगी की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हुई है। फजलगंज के रहने वाले जलज (54) और दादानगर के रहने वाले ज्ञानचंद (48) की ब्रेन अटैक से मौत हुई। कार्डियोलॉजी के निदेशक प्रोफेसर विनया कृष्णा का कहना है कि लोग ठंड में एहतियात बरतें। उन्होंने तबीयत बिगड़ने पर तुरंत अस्पताल पहुंचें, जिससे समय से इलाज मिल जाए।