रामादेवी से जाजमऊ फ्लाईओवर हाईवे पर प्रदूषण से छाई रही धुंध
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बुधवार को 158 रहा एक्यूआई
दीपावली में पटाखों के धुंए से प्रदूषण 10 गुना से भी अधिक हो गया। हल्के बादल छाए रहने की वजह से वायु मंडल पर हल्की चादर तन गई, जिससे धुआं और धूल ऊपर नहीं जा पाई। प्रदूषण खतरे के निशान के ऊपर खतरनाक श्रेणी में चला गया। हालांकि दिवाली के अगले दिन एक्यूआई नीचे आना शुरू हुआ। मंगलवार को 310 और गोवर्धन पूजा के दिन बुधवार को एक्यूआई 158 रहा।
कंपनीबाग चौराहे से रावतपुर तिराहे जाने वाली रोड पर उड़ती धूल में निकलते वाहन
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दमा, अस्थमा और सांस रोग हो जाते हैं ट्रिगर
प्रदूषण बढ़ने की वजह से हृदय, डायबिटीज, अस्थमा और दमा के रोगियों की हालत बिगड़ गई। अस्पतालों में रोगी सांस फुलाते हुए पहुंचे। प्रदूषित हवा के कारण गर्भवती महिलाओं को भी सांस फूलने की दिक्कत हुई। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य सीनियर चेस्ट फिजीशियन डॉ. एसके कटियार का कहना है कि प्रदूषण बढ़ने से दमा, अस्थमा और सांस रोग ट्रिगर हो जाते हैं।
बादलों में प्रदूषण को ऊपर जाने से रोका
वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय का कहना है कि बादल होने की वजह से प्रदूषण ऊपर नहीं जा पाया और वातावरण में बना रहा। इसका असर तापमान पर भी आता है। एक-दो दिन तक इसका असर अभी बना रहेगा। 24 घंटे में दिन का अधिकतम तापमान एक डिग्री सेल्सियस बढ़ गया। यह सामान्य औसत से 1.7 डिग्री अधिक रहा।