15 से 32 लाख तक लेकर की जा रही हैं नियुक्तियां
उनकी जगह अन्य व्यक्तियों की नियुक्ति की गई। उन्होंने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि जब ये नियुक्तियां की गईं, उस समय कॉलेज प्रबंध समिति का अनुमोदन समाप्त हो चुका था। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी करते हुए नियुक्तियां जारी रहीं। शशांक ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि कॉलेज में 15 से 32 लाख रुपये तक लेकर नियुक्तियां की जा रही हैं।
न्याय न मिलने पर मांगी थी इच्छामृत्यु की अनुमति
प्राचार्य के परिजन व करीबी लोग ही इन पदों पर नियुक्त किए गए हैं। शशांक ने प्राचार्य की कथित बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी प्रस्तुत की जिसमें नियुक्तियों के रेट और कथित लेन-देन का उल्लेख बताया गया है। रिकॉर्डिंग में कानपुर से लेकर प्रयागराज तक के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों व अन्य के नाम भी संदर्भित किए गए हैं। उन्होंने न्याय न मिलने पर इच्छामृत्यु की अनुमति तक मांगी थी।
प्राचार्य बोले- आरोप बेबुनियाद हैं
शशांक के पत्र के समर्थन में सुदीप सक्सेना ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। इसमें शशांक और उनके परिजनों को पार्टी से जुड़ा बताते हुए विश्वविद्यालय में हुए भ्रष्टाचार की जांच कराने का अनुरोध किया था। वहीं बीएनडी प्राचार्य प्रो. विवेक द्विवेदी ने कहा कि आरोप बेबुनियाद हैं। वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं।