ड्रम व प्लास्टिक के गैलन धमाके के साथ फटे
बेकरी और स्पेयर पार्ट्स के गोदाम में लगी आग पर काबू पा लिया गया था। रतनलालनगर निवासी अशफाक अहमद की दादानगर उद्योग कुंज में कपड़ों को रंगने में इस्तेमाल की जाने वाली इंक बनाने की फैक्टरी है। उस फैक्टरी के आधे हिस्से में कागज के गिलास बनते हैं। इंक फैक्टरी में इंक बनाने में प्रयोग किए जाने वाला केमिकल ड्रमों में रखे थे। आग लगने पर केमिकल के ड्रम व प्लास्टिक के गैलन धमाके के साथ फटना शुरू हो गए।
स्पेयर पार्ट्स के गोदाम को चपेट में ले लिया
फैक्टरी में मौजूद गार्ड ने बाहर भाग कर अपनी जान बचाई। फैक्टरी मालिक ने फायर बिग्रेड को सूचना दी। कुछ ही देर में आग ने बगल में स्थित रतनलालनगर निवासी शैलेंद्र सेठी की बेकरी और उसके निचले तल पर स्पेयर पार्ट्स के गोदाम को चपेट में ले लिया। वहीं, आग स्वरूपनगर निवासी अनिल खन्ना की भी केमिकल फैक्टरी तक पहुंच पाती, उससे पहली ही स्थिति काबू कर ली गई।
लगातार पानी और फोम की बौछार करती रही दमकल
उधर, इंक फैक्टरी, बेकरी और गोदाम में लगी आग पर काबू पाने के लिए दमकल की 14 गाड़ियों और कानपुर फर्टिलाइजर्स की एक गाड़ी भी लगातार पानी और फोम की बौछार करती रही। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इंक फैक्टरी के बाहर लगे बिजली के पोल में शाॅर्ट सर्किट होने से आग लग गई थी। इस कारण इंक फैक्टरी के बिजली बोर्ड में आग लग गई थी।
बेकरी और गोदाम की आग पर काबू पा लिया गया है। इंक फैक्टरी की आग पर काबू करने के प्रयास जारी हैं। पानी के साथ ही फोम का भी प्रयोग आग बुझाने में जा रहा है। अभी नुकसान का आकलन नहीं किया जा सका है। -दीपक शर्मा, सीएफओ