कागजों पर कारोबार, मौके पर फर्म का नामोनिशान नहीं और 5.31 करोड़ रुपये से अधिक की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हड़प ली गई। राज्य कर विभाग की जांच में सामने आए इन तथ्यों के आधार पर काकादेव थाने में एनआर ट्रेडर्स के मालिक ताडे नाटम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
राज्य कर अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे जीएसटी पंजीयन कराकर बिना वास्तविक माल की आपूर्ति के आईटीसी का अनुचित लाभ लिया गया। अधिकारी के मुताबिक एनआर ट्रेडर्स ने अप्रैल 2024 को वेस्ट स्क्रैप, पीतल स्क्रैप और रेड ब्रास स्क्रैप के कारोबार के लिए जीएसटी पंजीयन कराया था। नौ अक्तूबर को घोषित व्यापार स्थल का निरीक्षण किया गया तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। बिजली बिल की जांच में भी गड़बड़ी सामने आने का दावा किया गया है। काकादेव थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार राम के अनुसार धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग करने की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।