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Kanpur: फर्जी डिग्री खरीद फरोख्त मामले में पांचवां आरोपी गिरफ्तार, 7.53 लाख का हुआ लेनदेन

Thu, 12 Mar 2026 11:20 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

राजस्थान, झारखंड और अरुणाचल प्रदेश तक कनेक्शन मिला। मास्टरमाइंड से बातचीत हो रही थी। 7.53 लाख का लेनदेन हुआ।
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गिरफ्तार आरोपी विनीत राय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एसआईटी और किदवईनगर पुलिस ने फर्जी डिग्री व मार्कशीट खरीद फरोख्त मामले में पुलिस ने पांचवीं गिरफ्तारी की है। गुरुवार को गोशाला चौराहे से बिहार के बक्सर जिले के विनीत कुमार राय को गिरफ्तार किया है। जेल भेजे गए शैलेंद्र कुमार ओझा और विनीत के बीच पिछले साल 7.53 लाख रुपये का लेनदेन हुआ था। इस गिरफ्तारी से पुलिस ने गिरोह का राजस्थान, झारखंड और अरुणाचल प्रदेश में कनेक्शन खोज निकाला है। वहां के विश्वविद्यालयों से जुड़े तीन अन्य स्टाफकर्मियों को तलाशा जा रहा है।
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किदवईनगर पुलिस ने रुपये लेकर डिग्री व मार्कशीट बनाने के आरोप में 18 फरवरी को शैलेंद्र कुमार ओझा, नागेश मणि त्रिपाठी, जोगेंद्र और अश्वनी कुमार सिंह जेल भेजा था। आरोपियों के साथ छतरपुर के मयंक भारद्वाज, हैदराबाद के मनीष उर्फ रवि, गाजियाबाद के विनीत कुमार राय, भोपाल के शेखू व शुभम दुबे के जुड़े होने की जानकारी मिली थी। डीसीपी साउथ दीपेंद्रनाथ चौधरी ने बताया कि शैलेंद्र ओझा के कई विश्वविद्यालयों के कर्मचारियों से संबंध थे। इसकी वजह से बिना परीक्षा दिए मार्कशीट और डिग्री बनाने का खेल चल रहा था। पुलिस और एसआईटी ने सर्विलांस की मदद से विनीत कुमार राय को गिरफ्तार किया है। वह झारखंड की राधा गोविंद यूनिवर्सिटी, गुरुग्राम की एक्यूरेट यूनिवर्सिटी, अरुणाचल प्रदेश की हिमालयन ईटानगर यूनिवर्सिटी में कार्य कर चुका है। मौजूदा समय में हापुड़ की मोनार्ड यूनिवर्सिटी में था। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद से फरार था। सर्विलांस से विनीत और शैलेंद्र कुमार के बीच बातचीत के रिकाॅर्ड मिले हैं। दोनों के बीच वित्तीय लेनदेन भी हुआ है। उसे गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया जहां से जेल भेज दिया गया।

तीन कर्मचारियों के और नाम मिले
एसआईटी की जांच में सामने आया है कि विनीत कुमार पहले राजस्थान के एक विश्वविद्यालय में कार्य करता था। वहां पर पूर्व में रोहित कुमार शर्मा भी था। रोहित की पहले से शैलेंद्र ओझा से दोस्ती थी। उसी ने विनीत कुमार की शैलेंद्र ओझा से मुलाकात कराई। रोहित के दो अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी हुई है। तीनों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
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यूनिवर्सिटी ने कहा उनके यहां नहीं रिपोर्ट
एसआईटी ने उत्तर पूर्वी राज्य की दो यूनिवर्सिटी को वहां के नाम से बनी मार्कशीट व डिग्रियों के नमूने भेजे थे। यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने उन नमूनों में नाम आए छात्रों के अपने रिकाॅर्ड में नहीं होने की जानकारी दी है। उनका कहना है कि ऐसे किसी भी छात्र के रिकाॅर्ड उनके विश्वविद्यालय में नहीं हैं। संभवत: यह डिग्रियां व मार्कशीट नकली हों।
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