10 जून को दिखे थे आखिरी बार
इंस्पेक्टर ने बताया कि गार्ड से पूछताछ में सामने आया कि अर्चित हर सुबह वॉक पर जाते थे। 10 जून को भी गए थे। उसके बाद से नहीं देखे गए। नौकरानी को एक दिन छोड़कर काम के लिए बुलाते थे। जांच में सामने आया कि अर्चित शराब के लती थे। फ्लैट में शराब की बोतलें, सिगरेट आदि बरामद हुई है। आशंका है कि नशे की वजह से अर्चित की जान चली गई।
साजिश की आशंका नहीं
फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल की छानबीन की। दरवाजा भीतर से लॉक होने की पुष्टि हुई। किसी अन्य जगह से एंट्री की गुंजाइश नहीं। इसलिए साजिश की आशंका से इनकार किया जा रहा। अर्चित डॉ. जुगल किशोर के इकलौते बेटे थे। शादी नहीं की थी। माता-पिता शिकोहाबाद में ही रहते हैं। उनकी मौत की सूचना पर शहर आ गए।