रोडवेज के अधिकारियों से इन्कार कर दिया
अब चिड़ियाघर प्रबंधन ने तर्क दिया है कि जंगल सफारी के अंदर से गुजरने वाले नाले का पानी ओवरफ्लो होकर झील तक पहुंचा जिसमें डीजल जैसा पदार्थ दिखाई दे रहा था। आरोप लगाया कि यह पानी आजादनगर रोडवेज डिपो की वर्कशाॅप से आया, जिसकी वजह से मछलियों की मौत हुई। वहीं, जब इन आरोपों को लेकर रोडवेज के अधिकारियों से बात की गई, तो उन्होंने वर्कशाॅप से किसी भी प्रकार का गंदा पानी छोड़े जाने से इन्कार कर दिया।
नगर निगम और चिड़ियाघर की टीमें करेंगी जांच
मामला चर्चा में आने के बाद अब चिड़ियाघर प्रबंधन नगर निगम को पत्र लिखकर नाले के पानी और नाले के माध्यम से झील के अंदर जाने वाले पानी की जांच कराने की बात कह रहा है। रेंजर फिरोज खान ने बताया कि संयुक्त टीम नाले की जांच करेगी जिससे स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं जल्द ही झील पर पटी जलकुंभी भी हटाई जाएगी।
आरोप बेबुनियाद हैं। वर्कशॉप में न तो इंजन खोले जाते हैं न ही मोबिलऑयल का किसी तरह का काम होता है। ऐसे में वेस्ट बहाने का सवाल ही नहीं है। चिड़ियाघर प्रबंधन अपनी गलती दूसरे के सिर पर मढ़ रहा है। -महेश कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज