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कानपुर: प्लेटलेट्स गिरते ही डेंगू रोगी मान इलाज कर रहे नर्सिंग होम, सिर्फ मेडिकल कॉलेज में जांच की सुविधा

Mon, 30 Aug 2021 12:28 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर - फोटो : amar ujala
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कानपुर में निजी नर्सिंगहोमों में वायरल फीवर के रोगियों की जांच कराए बिना ही डेंगू का इलाज किया जा रहा है। रोगियों को प्लेटलेट्स चढ़ाई जा रही हैं। वायरल फीवर के रोगियों को प्लेटलेट्स चढ़ाने से पैथोलॉजियों में प्लेटलेट्स के लिए मारमारी शुरू हो गई। स्वास्थ्य विभाग अभी तक उर्सला, कांशीराम अस्पताल और सीएचसी में डेंगू की जांच की व्यवस्था नहीं कर पाया।
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बताया जा रहा है कि डेंगू रोगियों की संख्या नियंत्रित रखने के लिए जांच कम करने का खेल रचा जा रहा है। कल्याणपुर के निजी अस्पताल में भर्ती वायरल फीवर के रोगी अभिषेक (26) को कई दिनों से बुखार है। सीबीसी जांच में प्लेटलेट्स काउंट 80 हजार आया है। इस पर डॉक्टर ने उसे डेंगू का रोगी घोषित कर दिया है।

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में उसकी जांच नहीं कराई गई। इसी तरह इसी क्षेत्र के अस्पताल में मंधना के रोगी विपुल (40) को कई दिनों से  बुखार है। उसकी भी प्लेटलेट्स कम हुई है। काकादेव की एक निजी पैथोलॉजी से प्लेटलेट्स मंगाकर चढ़ाई जा रही है। इसके अलावा आधा दर्जन बुखार के रोगी उर्सला में भर्ती हैं।
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उनमें भी डेंगू जैसे लक्षण पाए जा रहे हैं, लेकिन अस्पताल में अभी तक डेंगू की एलाइजा जांच की व्यवस्था नहीं हो पाई है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की जांच ही मान्य है। ऐसी स्थिति में निजी अस्पताल में भर्ती रोगियों की जांच ही नहीं हो पा रही है। डेंगू के रोगी मिलने लगे हैं।

निजी पैथोलॉजियों में डेंगू की पुष्टि हो रही है, लेकिन रोगी नोटिफाई नहीं हो पा रहे हैं। बताया जा रहा है कि डेंगू संक्रमितों की संख्या नियंत्रित रखने का खेल है। कोरोना काल में डेंगू पॉजिटिव रोगियों के कोरोना संक्रमित होने की वजह से उन्हें कोविड की सूची में डाल दिया गया था। उर्सला के सीएमएस डॉ. अनिल निगम का कहना है कि डेंगू की जांच के लिए किट उपलब्ध कराने को सीएमओ को पत्र लिखा गया है।

डेंगू की जांच मेडिकल कॉलेज में हो रही है। उर्सला में भी किट उपलब्ध करा दी जाएगी। निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि बेवजह किसी रोगी को प्लेटलेट्स न चढ़ाई जाएं। अस्पताल बेवजह डेंगू बताकर रोगियों में डर पैदा न करें।
डॉ. नेपाल सिंह, सीएमओ

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