उनमें भी डेंगू जैसे लक्षण पाए जा रहे हैं, लेकिन अस्पताल में अभी तक डेंगू की एलाइजा जांच की व्यवस्था नहीं हो पाई है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की जांच ही मान्य है। ऐसी स्थिति में निजी अस्पताल में भर्ती रोगियों की जांच ही नहीं हो पा रही है। डेंगू के रोगी मिलने लगे हैं।
निजी पैथोलॉजियों में डेंगू की पुष्टि हो रही है, लेकिन रोगी नोटिफाई नहीं हो पा रहे हैं। बताया जा रहा है कि डेंगू संक्रमितों की संख्या नियंत्रित रखने का खेल है। कोरोना काल में डेंगू पॉजिटिव रोगियों के कोरोना संक्रमित होने की वजह से उन्हें कोविड की सूची में डाल दिया गया था। उर्सला के सीएमएस डॉ. अनिल निगम का कहना है कि डेंगू की जांच के लिए किट उपलब्ध कराने को सीएमओ को पत्र लिखा गया है।
डेंगू की जांच मेडिकल कॉलेज में हो रही है। उर्सला में भी किट उपलब्ध करा दी जाएगी। निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि बेवजह किसी रोगी को प्लेटलेट्स न चढ़ाई जाएं। अस्पताल बेवजह डेंगू बताकर रोगियों में डर पैदा न करें।
डॉ. नेपाल सिंह, सीएमओ