जांच अधिकारी की तरफ से पुलिस कमिश्नर असीम अरुण को लिखे गए पत्र के अनुसार इस घोटाले में डीजल की खरीद और भुगतान में हुई अनियमित्ताओं की धनराशि 215.57 करोड़ रुपये पाई गई है।
केडीए में हुए 2.15 करोड़ के डीजल घोटाले की जांच ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अनुसंधान विभाग) करेगा। मौजूदा समय में इस घोटाले की जांच कर रहे स्वरूप नगर थाने के विवेचक उप निरीक्षक ने यह संस्तुति करते हुए पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा है।
विज्ञापन
जांच में पुष्टि होने के बाद विकास प्राधिकरण के केयरटेकर सुनील दत्त तिवारी ने स्वरूप नगर थाने में बीती 8 जुलाई को एफआईआर दर्ज कराई थी। दारोगा जितेंद्र कुमार कनौजिया इस मामले की जांच कर रहे हैं।
जांच अधिकारी की तरफ से पुलिस कमिश्नर असीम अरुण को लिखे गए पत्र के अनुसार इस घोटाले में डीजल की खरीद और भुगतान में हुई अनियमित्ताओं की धनराशि 215.57 करोड़ रुपये पाई गई है।
विज्ञापन
अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) के अनुसार 50 लाख रुपये से ज्यादा धनराशि वाले मामलों की विवेचना आर्थिक अपराध अनुसंधान विभाग, लखनऊ से कराए जाने का प्रावधान है।
इसलिए इस मुकदमे की विवेचना ईओडब्ल्यू, लखनऊ से ही कराया जाना उचित होगा। यह संस्तुति करते हुए विवेचक ने इस मुकदमे की विवेचना ईओडब्ल्यू से कराने का आदेश पारित करने का आग्रह किया है।