सांस तंत्र के बाद प्रदूषण की सबसे अधिक मार त्वचा पर पड़ रही है। लोग डर्मिटाइटिस के शिकार हो रहे हैं। खासतौर पर सहालग के सीजन में जब हर तरफ शादियां हो रही हैं चेहरे का ग्लो एयरबोर्न कॉन्टैक्ट डर्मिटाइटिस खराब कर दे रहा है। रोग को छिपाने के लिए लोग ज्यादा ग्लो वाला मेकअप भी आजमा रहे हैं। ताकि दाग न दिख सके।
वहीं, त्वचा रोग विशेषज्ञों के यहां ऐसे रोगियों की संख्या पांच गुना बढ़ गई है। स्किन एलर्जी के रोगी अचानक बढ़ गए हैं। प्रदूषण के साथ ठंडक बढ़ने से चिल बिलेन के रोगी भी बढ़ गए हैं। मंगलवार को हैलट के त्वचा रोग विभाग की ओपीडी में बेटी को लेकर आए ग्वालटोली के विशंभर नाथ ने बताया कि बेटी की शादी अगले सप्ताह होने वाली है, डर्मिटाइटिस से चेहरे और हाथों की रंगत बिगड़ गई है।
इसके साथ ही पैरों के पंजों में दिक्कत है। पूरा परिवार इससे चिंता में है। इसी तरह निजी टेक्सटाइल कंपनी में सुपरवाइजर वीरेंद्र कुमार (22) के चेहरे का ग्लो एयरबोर्न कॉन्टैक्ट डर्मिटाइटिस से खराब हो गया। चेहरे पर लाल चकत्ते उभर आए हैं और खुजली हो रही है। इसके अलावा ऐसे ही अन्य लोग त्वचा रोग विशेषज्ञों के यहां चक्कर काट रहे हैं। प्रदूषण के कारण एयरबोर्न कॉन्टैक्ट डर्मिटाइटिस के अलावा स्किन एलर्जी के रोगियों की संख्या बहुत अधिक बढ़ गई है।
हैलट के त्वचा रोग विभाग के अलावा पीएचसी पर लगने वाले मुख्यमंत्री आरोग्य मेलों में सबसे अधिक त्वचा रोगी आ रहे हैं। जीएसवीएम मेडिकल कालेज के त्वचा रोग विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. सुशील चंद्रा और वरिष्ठ त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवहरे ने बताया कि एहतियात बरत कर डर्मिटाइटिस और स्किन एलर्जी से बचा जा सकता है। प्रदूषण के कारण यह दिक्कत बढ़ गई है।
ये बरतें एहतियात
- हाथ और चेहरा ढंक कर बाहर निकलें
- चेहरे पर कपड़े का या मेडिकल मास्क लगाएं
- बाहर से आने पर हाथ-पैर और चेहरा धो लें
- चेहरे पर नारियल, जैतून का तेल लगाए रहें
- मॉइश्चराइजर या कोई स्किन क्रीम लगा लें