बर्रा थाना प्रभारी दीनानाथ मिश्रा ने बताया कि बुधवार को हत्याकांड के खुलासे के बाद सह विवेचक नौबस्ता थाने के एसएसआई जमाल अहमद, जनता नगर चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार और हेड कांस्टेबल अवनीश कुमार मुंबई रवाना हो गए थे। वहां पर सेना के अधिकारियों ने बिना अरेस्ट वारंट आरोपी को हैंडओवर करने से मना कर दिया था।
इसके बाद शुक्रवार शाम सात बजे यहां से अरेस्ट वारंट मेल किया गया। तब शनिवार को पूरी प्रक्रिया हो पाई। अब यहां की पुलिस मुंबई पुलिस की मदद से ट्रेन में रिजर्वेशन, हवाई जहाज की टिकट या सड़क मार्ग से लाने के लिए गाड़ी की तलाश में जुटी है।
मुख्य विवेचक की लापरवाही से परेशान हुई पुलिस टीम
कानूनी दांवपेंच और मुख्य विवेचक की लापरवाही के चलते मुंबई गई पुलिस टीम को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सूत्रों के अनुसार मुख्य साजिशकर्ता राहुल की गिरफ्तारी के लिए गुरुवार देर शाम न्यायालय ने गैर जमानती अरेस्ट वारंट जारी कर दिया था। इससे पहले ही मुख्य विवेचक कोर्ट से थाने चले आए थे।
अधिकारियों की फटकार के बाद शुक्रवार को उन्होंने वारंट रिसीव किया। इसके बाद बर्रा थाना प्रभारी ने अरेस्ट वारंट मुंबई में सैन्य अधिकारियों को मेल किया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर मुंबई कोर्ट में पेश किया।