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कानपुर: डीएनए मिलान, मौत की वजह व वक्त जानने के लिए नरकंकाल की लखनऊ लैब में होगी जांच

Sun, 29 Aug 2021 02:17 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

फतेहपुर जनपद के जरारा गांव, बकेवर निवासी नीरज उर्फ नीरू (32) पुत्र स्व. शिवसागर को उसके ही दोस्त छोटेलाल कोरी ने ही रक्षाबंधन के दिन 28 हजार रुपये लूटने के बाद गला रेतकर मार डाला था और शव साढ़ थाना क्षेत्र के सुंदरपुर नहर पुल के पास झाड़ियों में फेंक दिया था।
 
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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कानपुर के भीतरगांव  में साढ़ थाना क्षेत्र के सुंदरपुर नहर पुल के पास गौरी रोड किनारे झाड़ियों के बीच शुक्रवार को हत्यारोपी की निशानदेही पर मिले मानव कंकाल की प्रमाणित पहचान के लिए पुलिस किसी चूक से बचने के लिये पूरी प्रक्रिया अपना रही है। कंकाल पुरुष का है या महिला का, इसकी भी पहचान अभी नहीं हो पाई।
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जिसके कारण पूरे कंकाल और घटनास्थल में बरामद सामग्री को एकत्र कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला मेडिकल कालेज लखनऊ भेजा जाएगा। हालांकि मृतक के परिजनों ने कपड़ों के आधार पर पहचान कर साढ़ थाने में तहरीर दी है। ज्ञात हो कि फतेहपुर जनपद के जरारा गांव, बकेवर निवासी नीरज उर्फ नीरू (32) पुत्र स्व. शिवसागर को उसके ही दोस्त छोटेलाल कोरी ने ही रक्षाबंधन के दिन 28 हजार रुपये लूटने के बाद गला रेतकर मार डाला था और शव साढ़ थाना क्षेत्र के सुंदरपुर नहर पुल के पास झाड़ियों में फेंक दिया था।

छह दिन बाद शुक्रवार शाम आरोपित छोटेलाल कोरी के साथ बकेवर पुलिस ने साढ़ पुलिस को लेकर घटनास्थल पर पहुंची और मृतक नीरज का शव मानव कंकाल के रूप में बरामद किया था। साढ़ थानाध्यक्ष रविंद्र सिंह ने बताया कि मानव कंकाल की हड्डियां और पास में मिले मांस के टुकड़े को सील किया गया है। डीएनए मिलान के साथ मृत्यु की वजह और मृत्यु के सही समय की जानकारी के लिए मानव कंकाल को लखनऊ स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला मेडिकल कालेज लखनऊ लैब भेजा जा रहा है।
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उसके बाद अगली कार्रवाई होगी। मानव कंकाल में मिले कपड़ों के आधार पर मृतक की पहचान प्रमाणित नहीं है। मानव कंकाल नीरज उत्तम का है, इसकी डीएनए मिलान के बाद ही असली पहचान होगी। तभी हत्या का अभियोग पंजीकृत नहीं किया गया है और लखनऊ भेजे जाने तक के लिए नर कंकाल को कानपुर स्थित पोस्टमार्टम हाउस में रखा गया है। 

घटनास्थल नहर किनारे, आसपास जंगली जानवरों की भरमार
बकेवर थाना के जरारा गांव निवासी नीरज उत्तम की हत्या कर आरोपित छोटेलाल कोरी ने शव को नहर किनारे झाड़ियों में फेंक दिया था वह जगह आबादी से दूर है। मोहम्मदपुर, देवपुरा, सुंदरपुर व गौरी के ग्रामीण बताते हैं कि जिस जगह पर शव फेंका गया था उसके आसपास जंगली जानवरों की भरमार है।

बहकर आने वाले मृत पशुओं के शव नहर में लगे लोहे के वाटर गार्डर में फंस जाते हैं। जंगली जानवर शवों को किनारे खींचकर रातों रात खाकर कंकाल के रूप में बदल देते हैं। पांच दिन में हत्या कर फेंके गए नीरज के शव का कंकाल में बदल जाना इलाके के लोग कोई नई बात नहीं मानते। ग्रामीण बताते हैं कि रात के समय लकड़बग्घा, भेड़िया व शिकारी कुत्ते सहित विभिन्न प्रजाति के खूंखार मांसाहारी जंगली जानवरों की आवाजें सुनाई देती रहती हैं।
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