आम जनता की अक्सर यही शिकायत रहती है कि पुलिस उसकी फरियाद नहीं सुनती। पशु-पक्षियों के खिलाफ क्रूरता के मामलों में पुलिस का रवैया और भी खराब होता है। बिना सुनवाई के वह पशु प्रेमियों की मदद करने से इनकार कर देती है।
डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने कहा है कि पुलिस ऐसे मामलों को गंभीरता से लेकर पशु प्रेमियों की मदद करेगी। पशु प्रेमी कनिका मिश्रा और सौम्या सिंह ने बताया कि गली के कुत्तों को मारने से रोकने पर अराजकतत्वों ने उन पर ही हमला कर दिया।
इसकी शिकायत के बाद भी पुलिस ने अराजकतत्वों पर कार्रवाई नहीं की। इन दोनों जैसे कई पशु प्रेमी हैं, जो पुलिस के टरकाऊ रवैये के शिकार हैं। पशु प्रेमियों का कहना है कि लोग गली के कुत्तों या अन्य छुट्टा मवेशियों को खाना-पानी देना तो दूर, देखते ही हमले पर उतारू हो जाते हैं।
कोई डंडा मारकर या चाकू आदि से हमलाकर उन्हें जख्मी कर देता है। उन्हें बचाने के लिए कोई खड़ा भी हुआ तो लोग उसके खिलाफ ही खड़े हो जाते हैं। ऐसे मामलों में पशु क्रूरता अधिनियम की ढंग से जानकारी नहीं होने से थाना पुलिस भी मदद से हाथ खड़े कर देती है। पशु प्रेमियों का कहना है कि पशुओं के खिलाफ क्रूरता करने के मामले में पुलिस धारा 428, 503, 504, 506 के तहत कार्रवाई कर सकती है। लेकिन, पुलिस बिना सुनवाई के ही कार्रवाई से इनकार कर देती है।
पशु क्रूरता के मामलों में पुलिस तत्काल कार्रवाई करेगी। इसके लिए जल्द ही सभी थाना प्रभारियों की बैठक कर दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे। पशु क्रूरता से संबंधित मामलों में विभिन्न धाराओं में कार्रवाई का प्रावधान है। पुलिस उसके अनुसार कार्रवाई कर पशु प्रेमियों की मदद करेगी।
डॉ. प्रीतिंदर सिंह, डीआईजी