विवि के दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल
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आज के छात्र बहुत स्मार्ट हैं। छात्रों के आईक्यू लेवल को देखते हुए पाठ्यक्रम को भी स्मार्ट करना जरूरी है। ऐसे में पीजी से लेकर उच्च शिक्षा तक हर पांच साल में पाठ्यक्रम में बदलाव होना चाहिए। दो साल में 30 फीसदी और पांच साल में पूरे कोर्स में बदलाव किया जाना चाहिए।
ये बातें छत्रपति शाहू जी महाराज विवि में आयोजित 35वें दीक्षांत समारोह में अध्यक्षता कर रहीं राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहीं। कुलाधिपति ने कहा कि पढ़ाई में उम्र बाधा न बने। अगर किसी बच्चे में 12 साल में 10वीं पास करने की क्षमता है तो उसे नियमों के बंधन में न बांधा जाए।
पांच साल की उम्र में कंप्यूटर में पारंगत बच्चों के लिए उन्हीं के अनुसार स्मार्ट पाठ्यक्रम की जरूरत है। हमें अपने सोच नहीं बल्कि उनके सोच के अनुसार पाठ्यक्रम डिजाइन करने की आवश्यकता है। पाठ्यक्रम में प्रदूषण, जल, पर्यावरण जैसे मुद्दों को भी शामिल किया जाना चाहिए। देश की संस्कृति को किताबों, पेंटिंग के माध्यम से आंगनबाड़ी स्तर से ही शुरू करना चाहिए।