प्रोफेसरशिप के ऑफर्स भी मिल रहे थे
उन्होंने बताया कि शादी के बाद से ही डॉ. शाहीन अक्सर यूरोप में बसने की बात किया करती थीं। इसके लिए उन्हें प्रोफेसरशिप के ऑफर्स भी मिल रहे थे, लेकिन डॉ. हयात इस पर सहमत नहीं थे क्योंकि वह अपने देश, दोस्तों और परिवार को छोड़कर जाना नहीं चाहते थे।
तलाक के बाद कोई वास्ता नहीं
डॉ. हयात ने साफ कहा कि परिवार में कोई लड़ाई-झगड़ा नहीं होता था, लेकिन सोच अलग थी। इसी मतभेद के चलते वह एक दिन छोड़कर चली गईं। तलाक के बाद दोनों के बीच कोई संपर्क नहीं रहा। डॉ. हयात के अनुसार, उनके दो छोटे बच्चे उन्हीं के साथ रह रहे हैं।
वर्षों पहले खत्म हो चुका है जुड़ाव
जब उन्हें डॉ. शाहीन के कथित रूप से गलत रास्ते पर जाने की खबर मिली, तो उन्होंने हैरानी जताई और कहा कि छोड़िए, जब उससे कोई वास्ता ही नहीं रहा। डॉ. हयात ने बताया कि उन्हें इस मामले की कोई खास जानकारी नहीं है और उनका भावनात्मक जुड़ाव वर्षों पहले खत्म हो चुका है।