वहीं, मां बानो उर्फ भूरी की नामजदगी गलत पाए जाने पर उसका नाम हटा दिया था। मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश लालचंद गुप्ता की अदालत में चल रही थी। बुधवार को अदालत ने मामले में शहीद व नाजमा को दोषी करार दिया था।
शुक्रवार को जिला जज ने मामले में सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। इसके बाद शहीद व नाजमा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अदालत के फैसले से पीड़ित परिवार खुश है।