कानपुर देहात। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मंगलवार दोपहर दो मरीजों की मौत होने के बाद परिजनों ने समय पर इलाज न करने का आरोप लगाते हुए जमकर बवाल किया।
सूचना पर तीन थानों की फोर्स के साथ सीओ अकबरपुर मौके पर पहुंचे। युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के दौरान परिजनों व पुलिस में झड़प व खींचतान हुई। मामले में कार्रवाई के आश्वासन पर परिजन शांत हुए।
सट्टी थाना क्षेत्र के पचलख निवासी सावित्री ने बताया कि पांच जनवरी को पड़ोसी पहलवान और उसके परिवार के लोगों ने 21 वर्षीय बेटे लवकुश को नशीला पदार्थ खिलाकर फांसी के फंदे से लटका दिया था।
जानकारी पर उसे फंदे से उतार कर हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं मामले में पहलवान, उसके बेटे संपत और सुमित के खिलाफ थाने में तहरीर दी थी। इस पर पुलिस ने सुनवाई नहीं की।
सावित्री ने बताया कि हैलट में बेटे की हालत में सुधार नहीं होने पर उसे अकबरपुर स्थित तीन अलग-अलग प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती कर उपचार कराया गया। मंगलवार को लवकुश को सांस लेने में तकलीफ हुई तो जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।
वहां डॉ. मयंक मिश्रा ने लवकुश को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती करा दिया। इसके बाद उसके उपचार में लापरवाही की गई। इसी तरह कसरा पावा घाटमपुर निवासी हरिशंकर (60) को सांस लेने में तकलीफ हुई तो उन्हें भी जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
करीब पौने दस बजे दोनों मरीजों ने एक के बाद एक दम तोड़ दिया। इसके कुछ देर पहले ही दोनों मरीजों को डॉ. मयंक मिश्रा ने हैलट रेफर किया था। दोनों मरीजों की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टर और स्टॉफ नर्स पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
इससे इमरजेंसी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। डॉक्टर और स्टॉफ नर्स इमरजेंसी छोड़कर चले गए। वहीं, सूचना पर सीओ अकबरपुर अरुण कुमार सिंह गजनेर, अकबरपुर और रूरा थाने की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
उन्होंने मृतकों के परिजनों से बात की और लवकुश के शव की फोटोग्राफी कराई। परिवार को कार्रवाई का आश्वासन देकर दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
सट्टी थाने में मुकदमा न लिखने और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने हंगामा किया था। लवकुश के भाई दिवारीलाल की तहरीर पर पहलवान, सुमित, संपत, लालराम और दो अज्ञात के खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही। - अरुण कुमार सिंह, सीओ, अकबरपुर
दोनों मरीज गंभीर हालत में अस्पताल लाए गए थे। उन्हें डॉ. अराधना ने देखा था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। स्थिति नियंत्रण करने के लिए पुलिस को बुलाया गया था। - डॉ. वंदना सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल