कानपुर देहात। माती जनसभा में आए सपा कार्यकर्ताओं ने जमकर उत्पात मचाया। कार्यकर्ता बैरिकेडिंग तोड़कर मंच की तरफ बढ़े तो अखिलेश भी असहज हो गए। वह तेज चाल से हेलीपैड की ओर निकलने लगे। इसके बाद भी वह कार्यकर्ताओं के बीच घिर गए।
पुलिस कर्मियों के हाथ पांव फूल गए। जनसभा स्थल पर कार्यकर्ताओं ने दो सौ से अधिक कुर्सियां तोड़ दी। पूर्व सीएम के पास पदाधिकारियों के लिए बनाए गए मंच की छत पर चढ़ गए। अखिलेश के जाने के बाद कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।
सपा कार्यकर्ता रास्ते भर नारेबाजी व हो-हल्ला करते जनसभा स्थल तक पहुंचे। वहां अखिलेश के आते ही कुर्सियों पर खड़े हो गए। करीब दो सौ से अधिक कुर्सियां तोड़ दी। मीडिया दीर्घा में इलेक्ट्रानिक मीडिया व छायाकारों के लिए बने मंच को तोड़ दिया।
इससे कई मीडिया कर्मियों को चोटें भी आई हैं। पुलिस से धक्कामुक्की कर अभद्रता की। कुछ सिपाहियों के डंडे छीनकर तोड़ दिए। हद तो तब हो गई अखिलेश यादव के संबोधन के दौरान कार्यकर्ता उनकी बात को सुनने के बजाय शोर कर सीटी बजाते रहे।
इसके बाद वह मंच से नीचे उतर रहे थे तभी कार्यकर्ता बैरिकेडिंग तोड़कर मंच की ओर दौड़ पड़े। पुलिस कर्मियों को उन्हें रोकने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। अखिलेश भी कार्यकर्ताओं की हरकतों से नाराज दिखे। वह तेज चाल से हेलीपैड की तरफ बढ़ने लगे।
इसके बाद भी कार्यकर्ता नारेबाजी व शोर शराब करते रहे। वहीं कार्यकर्ताओं की वापसी के दौरान हंगामे के चलते राहगीर रास्ते से हटकर खड़े होते नजर आए। अखिलेश के जाने के बाद कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।
यहां से पार्टी कार्यालय पहुंचे कार्यकर्ताओं ने वहां भी जमकर उपद्रव व नारेबाजी की। आरोप लगाया कि जिलाध्यक्ष ने मंच पर वरिष्ठ नेताओं का जगह नहीं दिलाई। हंगामा देख जिलाध्यक्ष मौके से चले गए।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जनसभा को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह था। वहीं काफी कार्यकर्ताओं ने अनुशासनहीनता भी की है। कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश की गई लेकिन वह जोश में नहीं मान रहे थे। - प्रमोद यादव (सपा जिलाध्यक्ष)