कानपुर देहात। राजपुर थाने के पूर्व प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की रिपोर्ट दर्ज कराने वाली किशोरी ने गुरुवार को कोर्ट में बयान दर्ज कराए। मामले में पुलिस की ओर से लापरवाही बरतने पर किशोरी की मां ने हाईकोर्ट में अपील की थी।
एक गांव में फौजी की पत्नी का फोटो व मोबाइल नंबर वायरल करने की शिकायत पर तत्कालीन इंस्पेक्टर विनोद कुमार ने आरोपी किशोरी को 29 अगस्त को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। थाने से लौटकर किशोरी ने घर में जहर खा लिया था।
हालत बिगड़ने पर उसे हैलट में भर्ती कराया गया था। चार सितंबर को उसे हैलट से छुट्टी दी गई थी। मामले में किशोरी की मां की तहरीर पर इंस्पेक्टर के खिलाफ छेड़छाड़, पॉक्सो एक्ट की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसकी विवेचना सीओ अकबरपुर अरुण कुमार सिंह कर रहे हैं।
वह बयान लेने किशोरी के घर गए तो महिला ने आरोपी इंस्पेक्टर के सजातीय होने का आरोप लगा विवेचना किसी अन्य सीओ से कराने की मांग एसपी से की थी। इसके बाद मामला टलता रहा।
चार माह तक किशोरी के बयान कोर्ट में न होने पर उसकी मां ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। वहां से आदेश के बाद गुरुवार को पुलिस ने किशोरी के बयान कोर्ट में दर्ज कराए। सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि किशोरी के बयान दर्ज करा दिए गए हैं। मामले में विवेचना की जा रही है।