कानपुर देहात। राजपुर में इंस्पेक्टर पर छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज कराने वाली किशोरी के बयान सोमवार को विवेचक सीओ सदर ने घर पहुंच कर दर्ज किए। इस दौरान जिला अस्पताल की काउंसर व महिला थानाध्यक्ष भी उनके साथ मौजूद रहीं।
राजपुर के एक गांव निवासी किशोरी ने 29 अगस्त को थाने के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार पर प्रताड़ित करने व छेड़छाड़ करने का आरोप लगाकर जहर खा लिया था। मामले के तूल पकड़ने पर इंस्पेक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे निलंबित किया चुका है।
सोमवार को विवेचक सीओ अकबरपुर अरुण कुमार सिंह, जिला अस्पताल की काउंसलर डॉ. पूनम गुप्ता व महिला थानाध्यक्ष रीना गौतम किशोरी के गांव पहुंचे और उसके बयान दर्ज किए। नियमों का पालन करते हुए सीओ समेत सभी पुलिस कर्मी बिना वर्दी के किशोरी के घर गए थे। किशोरी ने पूर्व में लगाए गए आरोपों के आधार पर ही बयान दिए हैं।
पीड़िता की मां बोली बदले जाएं विवेचक
राजपुर के पूर्व इंस्पेक्टर पर छेड़छाड़ व धमकाने की रिपोर्ट दर्ज कराने वाली किशोरी की मां ने अब अकबरपुर सीओ से न्याय न मिलने की बात कही है। आरोप लगाया कि विवेचक अकबरपुर सीओ व आरोपी इंस्पेक्टर सजातीय हैं। इससे सीओ से निष्पक्ष विवेचना की उम्मीद नहीं है।
किशोरी की मां ने मीडिया कर्मियों से ये बातें कही हैं। उसने उच्चाधिकारियों से विवेचक बदलने की गुहार लगाने की भी बात कही है। किशोरी की मां ने बताया कि पुलिस की पूछताछ से बेटी बेहद डरी है। हालांकि उसने अस्पताल में बयान लेने गई एक महिला सीओ की प्रशंसा की। कहा कि उनका तरीका ठीक था। (संवाद)
इंस्पेक्टर पर दर्ज रिपोर्ट की विवेचना के संबंध में किशोरी के बयान लिए गए हैं। किशोरी की मां ने इंस्पेक्टर के सजातीय होने पर न्याय न मिलने का आरोप लगाया है। ये जानकारी मिली है। वादी का हित सर्वोपरि है। इस पर उच्चाधिकारी निर्णय लेंगे। - अरुण कुमार सिंह, सीओ अकबरपुर