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Kanpur Dehat : बंजारा डेरा में सन्नाटे के बीच गूंजती रही सिसकियां, परिजनों को सांत्वना देते रहे रिश्तेदार

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कानपुर देहात के बंजारा डेरा में जले सतीश व प्रकाश के घर व गृहस्थी। संवाद - फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। रूरा के हारामऊ बंजारा डेरा गांव में झोपड़ी में लगी आग से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के दूसरे दिन सोमवार को भी बस्ती में सन्नाटे के बीच रह-रह कर सिसकियां उठती रहीं। जैसे ही कोई सांत्वना देने गांव पहुंचता परिजन फफक पड़ते।
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बिरादरी के लोग और रिश्तेदार उन्हें शांत कराने में जुटे रहे। इधर, बस्ती में पुलिस तैनात रही। जिले अधिकारी के अधिकारी मौके पर मौजूद कर्मचारियों से पल-पल की जानकारी लेते रहे। आसपास के गांव में ग्रामीण इस दर्दनाक घटना की दिन भर चर्चा करते नजर आए।
हारामऊ गांव के बंजारा डेरा में रहने वाले प्रकाश की झोपड़ी में शनिवार देर रात आग लग गई थी। इससे झोपड़ी के अंदर सो रहे प्रकाश के बेटे सतीश, उसकी पत्नी काजल, बेटे शनि, संदीप व बेटी गुड़िया की जलकर मौत हो गई थी।
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परिजनों को बचाने में प्रकाश की पत्नी रेशमा झुलस गई थी, जिनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने रेशमा की हालत पहले से बेहतर बताई है। इधर, सोमवार को प्रकाश के रिश्तेदार व आसपास के लोग घर पर जुटे रहे। परिवार के पांच लोगों को खोने का गम प्रकाश व उसके परिवार के लोगों के चेहरों में झलक रहा था।
रविवार रात पांच लोगों का अंतिम संस्कार करने के बाद परिजन पूरी रात रोते रहे। सोमवार को दिन में भी लोगों के बिलखने की आवाज आती रही। प्रकाश व उनके भाई विजय बहादुर ने रोते हुए कहा कि भगवान ने परिवार को ऐसा दर्द दिया है कि सब कुछ बर्बाद हो गया।
अभी तक उन लोगों की समझ में नहीं आ रहा कि एकाएक ऐसा कैसे हो गया और पल भर में हंसता खेलते परिवार खत्म हो गया। दुखी परिजनों की हालत देख रिश्तेदार भी रोने लगते हैं। सतीश की बहन नीतू का भी रोकर बुरा हाल था।
पुलिस और प्रशासनिक अफसर मातहतों से फोन कर गांव और पीड़ित परिवार के बारे में जानकारी लेते रहे। प्रकाश के घर के पास और बस्ती में पुलिस बल तैनात रहा। रूरा थानाध्यक्ष एके मिश्र भी बस्ती में पहुंचे और परिजनों का हालचाल जाना।
मदद के लिए बढ़े हाथ
बंजारा डेरा में सोमवार को जिला पंचायत अध्यक्ष नीरज रानी के पति राजू सिंह पहुंचे। उन्होंने प्रकाश और उनके परिवार को सांत्वना दी। इसके बाद 11 हजार रुपये की सहायता दी। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राम सिंह भी गांव पहुंचे और परिवार को 11 हजार की मदद की। दोनों ने घटना पर दुख जताते हुए प्रशासन से उच्चस्तरीय कमेटी से जांच कराने की मांग की है।
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