वहीं, ननद राधा, आरती व पड़ोसी शबनम का नाम हटा दिया था। मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश लालचंद गुप्ता की अदालत में चल रही थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने गवाहों के बयानों व साक्ष्यों के आधार पर पुलिस विवेचना में हटाई गई आरोपी राधा, आरती व शबनम को तलब किया था। राधा व आरती अदालत में हाजिर हो गई थीं।
शबनम के गैरहाजिर होने पर उसकी पत्रावली अलग कर अदालत ने शेष आरोपियों के मामले की सुनवाई शुरू कर दी थी। गुरुवार को जिला जज ने मामले की सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। इसके बाद पति को दोषसिद्ध करते हुए छह साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। वहीं, अन्य चार आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है।