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बेमौसम बरसात होने से धान भीगा, किसानों ने काटा हंगामा

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झींझक मंडी समिति के बाहर हंगामा करते किसान। - फोटो : AKBARPUR
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झींझक (कानपुर देहात)। मंडी समिति के क्रय केंद्र में खुले में किसानों का धान जमा है। तौल होने का इंतजार करने वाले किसानों का धान गुरुवार रात हुई बारिश से भीग गया। इससे नाराज किसानों ने खरीद केंद्र के बाहर हंगामा किया। उनका कहना था कि बारिश से बचाव के बंदोबस्त न होने के कारण उनका धान भीग गया। बाद में केंद्र प्रभारी ने उन्हें समझाकर शांत कराया।
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झींझक मंडी समिति में का धान खरीद केंद्र है। तौल कराने व किसानों का धान रखने के लिए नीलामी चबूतरा संख्या दो निश्चित किया गया है। धान खरीद चबूतरे पर एक आढ़ती ने धान रख लिया है। इससे बची कुछ जगह में तौल होती है। धान रखने की जगह न होने के कारण किसानों का एक हजार क्विंटल धान खुले में जमा है।
गुरुवार की रात बेमौसम बारिश होने लगी। इससे किसानों का धान भीग गया। नाराज किसानों ने शुक्रवार की सुबह हंगामा कर दिया। अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। खमहैला के गोविंद नारायण, ओम प्रकाश, झींझक के संतोष तिवारी, अनिल तिवारी ने बताया कि खरीद केंद्र पर धान बेचकर गेहूं की बुआई के लिए खाद और बीज खरीदना है। नीलामी चबूतरा में धान रखने की जगह नहीं मिली। इससे हम लोगों को मजबूरन धान खुले में जमा करना पड़ा। बारिश में भीगने से धान गीला हो गया।
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अब केंद्र प्रभारी इसकी खरीद नहीं करेंगे। अगर धूप जल्द नहीं निकली तो धान खराब हो जाएगा। केंद्र प्रभारी अनिल यादव ने बताया कि आढ़ती से चबूतरा खाली कराने के लिए पूर्व में ही मंडी सचिव और अन्य अधिकारियों को पत्र भेजा जा चुका है। हंगामा कर रहे किसानों को शांत करा कर धान को तिरपाल से ढकने को कहा गया है। मंडी सचिव सुधीर सिंह ने बताया कि आढ़ती को नोटिस जारी कर तत्काल धान खरीद केंद्र का चबूतरा खाली न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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