देश के सर्वोच्च पद पर आसीन होने के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद दूसरी बार डेरापुर तहसील स्थित अपने पैतृक गांव परौंख आ रहे हैं। इसके पहले वह 27 जून 2021 को जिले में आए थे। तब उनका पुखरायां में भी कार्यक्रम था इससे वह गांव को अधिक समय नहीं दे सके थे।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का पैतृक गांव दौरे का कार्यक्रम लगभग तय हो गया है। तीन जून को लखनऊ से हेलीकाप्टर से उनके परौंख आने की संभावना है। साथ में प्रधानमंत्री का आगमन भी संभावित है। इसके तहत राष्ट्रपति एक घंटे अपने गांव में जनसभा को संबोधित करेंगे। वहीं, आधे घंटे गांव में बिताएंगे।
विज्ञापन
देश के सर्वोच्च पद पर आसीन होने के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद दूसरी बार डेरापुर तहसील स्थित अपने पैतृक गांव परौंख आ रहे हैं। इसके पहले वह 27 जून 2021 को जिले में आए थे। तब उनका पुखरायां में भी कार्यक्रम था इससे वह गांव को अधिक समय नहीं दे सके थे।
इस बार उनका कार्यक्रम सिर्फ गांव में ही निर्धारित हुआ है। इस बार उनके गांव में एक घंटा 40 मिनट रहने की संभावना है। अब तक प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार वह दोपहर 2:30 बजे लखनऊ से हेलीकाप्टर से परौंख के लिए प्रस्थान करेंगे।
विज्ञापन
शाम तीन बजे वह परौंख में बने हेलीपैड से जनसभा स्थल पर पहुंचेंगे। शाम चार बजे तक वह जनसभा को संबोधित करेंगे। जनसभा स्थल में करीब 20 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी। शाम चार से 4:30 बजे तक वह पथरी देवी माता मंदिर का दर्शन, भीमराव आंबेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण करने के साथ गांव के मिलन केंद्र का भ्रमण करेंगे।
इसी दौरान वह गांव के पुराने मित्रों व परिजनों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद हेलीकाप्टर से 4:40 बजे लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगे। उनके साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम भी संभावित है, लेकिन अभी तक प्रोटोकॉल नहीं आया है। मंडलायुक्त डॉ. राजशेखर ने बताया कि राष्ट्रपति के परौंख आने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। आगमन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
सुरक्षा कारणों से बदले गए हेलीपैड स्थल
मंडलायुक्त व आईजी ने मंगलवार को परौंख पहुंचकर व्यवस्थाओं को देखा। इस दौरान आठ हेलीपैड के लिए चिह्नित किए गए स्थल में बदलाव किया गया। अब पांच हेलीपैड एक स्थान पर व तीन हेलीपैड दूसरे स्थान पर बनाए जाएंगे। साथ ही हाइटेंशन तार से सौ मीटर की दूरी तय की गई है। कम्युनिटी सेंटर, पथरी देवी मंदिर, आंबेडकर पार्क, मिलन केंद्र पर क्षमता के अनुसार सौर ऊर्जा लगवाने के निर्देश दिए गए।