कानपुर देहात। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तीन जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पैतृक गांव परौंख आएंगे। माननीयों, परिजनों, गांव के लोगों व मित्रों से मुलाकात के साथ ही वह जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इसके लिए जर्मन हैंगर तकनीक से पंडाल बनाया जा रहा है। एल्युमिनियम के इस पंडाल पर आंधी व बारिश का भी असर नहीं होता है।
परौंख में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन को लेकर प्रशासन तैयारियों में जुटा है। बदलते मौसम व सुरक्षा की दृष्टि से यहां एल्युमिनियम के मजबूत पिलर के आधार पर खड़ा होने वाला जर्मन हैंगर पंडाल लगाया जा रहा है।
आंधी, तूफान व बारिश में भी इस पंडाल पर कोई असर नहीं होगा और बिना व्यवधान के कार्यक्रम चलता रहेगा। यहां पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री लोगों को संबोधित करने के साथ उनसे मुलाकात करेंगे।
पुलिस मुख्यालय भेजा 767 लाख रुपये का इस्टीमेट
डेरापुर। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर आठ हेलीपैड, पंडाल (जर्मन हैंगर सहित), मंच, बैरिकेडिंग, पार्किंग, विभिन्न स्थानों पर बैरियर समेत अन्य कार्य के लिए करीब 767.50 लाख रुपये का प्रारंभिक इस्टीमेट तैयार किया गया है। शासन के संयुक्त सचिव महेंद्र प्रसाद भारती ने इसे अपर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय लखनऊ को भेजा है।
हेलीपैड निर्माण के लिए भूमि चिह्नित
डेरापुर। पीडब्लूडी के जेई भारत विजय बहादुर ने शनिवार को राजस्व निरीक्षक बसंत लाल, लेखपाल सर्वेश कुमार पाल, नितिन तिवारी, देवप्रताप सहित राजस्व टीम के साथ आठ हैलीपैड के लिए भूमि चिह्नित की। इसके बाद हैलीपैड बनाने का काम शुरू किया गया।
सुरक्षा टीमों ने ली जानकारी
राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर शनिवार को लखनऊ से जैमर वाहन सहित अन्य सुरक्षा टीमें परौंख गांव पहुंची। उन्होंने सीओ विजयेंद्र द्विवेदी से पंडाल, हेलीपैड, बैरिकेडिंग, पार्किंग स्थल आदि की जानकारी ली।
आईजी ने परौंख गांव का जायजा लिया
कानपुर देहात। आईजी कानपुर प्रशांत कुमार शनिवार को राष्ट्रपति के पैतृक गांव परौंख पहुंचे और तैयारियों का जायजा लिया। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों से सुरक्षा को लेकर चल रही तैयारियों के बारे में पूछा। जहां भी खामी नजर आई, उसे दूर करने के निर्देश दिए।