इसके बाद शव फैक्टरी परिसर में रखकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि सुरक्षा का सही इंतजाम नहीं किया गया था। इसकी चूक से हादसा हुआ। घटना को देरी तक फैक्ट्ररी प्रबंधन ने छिपाए रखा। जानकारी पाकर पुलिस भी पहुंच गई। परिजनों ने मुआवजे की मांग की। दोपहर 11 बजे से शुरू हुआ हंगामा शाम चार बजे थमा।
फैक्टरी के निदेशक नीतेश गर्ग ने आर्थिक मदद का लिखित भरोसा दिया। मृतक के भाई गौतम कुमार ने बताया कि फैक्टरी प्रबंधन ने 14 लाख रुपये की मदद का लिखित आश्वासन दिया है। थाना प्रभारी अकबरपुर सतीश कुमार सिंह ने बताया शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अभी किसी ने तहरीर नहीं दी है।