पुखरायां। उचित देखरेख न होने व समय से चारा नहीं मिलने से गोशालाओं में मवेशी कमजोर व बीमार हो रहे हैं। इससे मलासा के तुर्कीमऊ गांव स्थित गोशाला में गुरुवार को एक गाय की मौत हो गई। यहां चार और मवेशी बीमार हैं।
सूचना पर पशु चिकित्साधिकारी ने मवेशियों का उपचार किया। गोशाला में मौके पर भूसा नहीं मिला। वहीं प्रधान जगह की कमी से दूसरी जगह भूसा रखवाने की बात कहते हैं। यहां मवेशियों को हरा चारा भी नहीं मिल रहा है।
तुर्कीमऊ गांव निवासी लोगों ने गुरुवार को गोशाला में कुछ मवेशियों को तड़पते देखा। इस पर जानकारी विश्व हिंदू परिषद के जिला गोरक्षा प्रमुख आदित्य शुक्ल को दी। इसके बाद आदित्य कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे तो वहां कोई कर्मचारी नहीं मिला।
इस पर उन्होंने जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। जिस पर पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आलोक सचान टीम के साथ गोशाला पहुंचे और एक मवेशी को मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव को वहीं दफना दिया गया। वहीं, मौके पर चार मवेशी बीमार मिले।
इनके शरीर पर गहरे जख्म भी थे। चिकित्सक ने सभी का उपचार किया। विहिप के गोरक्षा प्रमुख ने आरोप लगाया कि मवेशियों को ठीक से चारा नहीं मिल रहा है। इससे वह कमजोर हो रहे हैं। गुरुवार को भी 12 बजे तक मवेशियों को चारा नहीं दिया गया था।
इस पर जिला पशु चिकित्साधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी को जानकारी दी गई। सूचना पर बीडीओ शिवगोविंद पटेल और एडीओ पंचायत अखिलेश कुमार गोशाला पहुंचे। प्रधान मोहम्मद जसीम ने बताया कि गोशाला छोटी होने से भूसा दूसरी जगह रखवाया जाता है।
एक बीघा खेत में बोई गई चरी अब खत्म हो गई है। दूसरी कटिंग अभी आई नहीं है। बीडीओ ने बताया कि 18 बीघा भूमि के लिए एसडीएम को पत्र लिखकर नाप कराई जाएगी।
यहां चरी की बुआई कराने के बाद आने वाले समय में हरा चारा मुहैया कराया जाएगा। व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान लेखपाल विशाल त्रिपाठी, तकनीकी सहायक रणधीर मौजूद रहे।