कानपुर देहात। आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना का जवाब न देना बीएसए को भारी पड़ गया। राज्य मुख्य सूचना आयुक्त के आदेश पर बीएसए से 25 हजार रुपये अर्थदंड वसूली की कार्यवाही शुरू की गई है। वित्त एवं लेखाधिकारी को वेतन से अर्थदंड की कटौती के निर्देश दिए गए हैं। इस बारे में जिले के कोषाधिकारी को भी निर्देशित किया गया है।
मैथा विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय जसापुर में कार्यरत सहायक अध्यापिका रागिनी सचान ने बीएसए से जनसूचना अधिकार अधिनियम के तहत चार बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। बीएसए की तरफ से सूचना उपलब्ध न कराने पर उन्होंने 30 जनवरी 2023, 29 मार्च व दो जून को आरटीआई के तहत फिर से बीएसए से सूचना मांगी।
कोई कार्यवाही न होने पर शिक्षिका ने जन सूचना आयोग में आवेदन किया। जहां से 18 जून व 20 जुलाई 2023 को बीएसए को नोटिस जारी कर सहायक अध्यापिका को जन सूचना अधिकार के तहत सूचनाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। बीएसए ने इस आदेश की अवहेलना करते हुए आवेदक को मांगी गई सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई।
इस पर राज्य मुख्य सूचना आयुक्त भवेश कुमार सिंह ने सुनवाई की। आयोग ने बीएसए को तलब कर अंतिम अवसर दिया। फिर भी उन्होंने शिक्षिका को सूचना उपलब्ध नहीं कराई। इसके बाद राज्य मुख्य सूचना आयुक्त के सामने न बीएसए पहुंची और न ही स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया।
इस पर राज्य मुख्य सूचना आयुक्त ने बीएसए रिद्धी पांडेय पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड की वसूली का आदेश रजिस्ट्रार उत्तर प्रदेश सूचना आयोग नियंत्रक प्राधिकारी, सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक कानपुर मंडल को दिया है। वहीं, मामले में उप्र सूचना आयोग के रजिस्ट्रार ने अर्थदंड की वसूली के लिए सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक को पत्र जारी किया है।