कानपुर देहात। बिकरू कांड में मारे गए कुख्यात विकास दुबे के करीबी गुड्डन त्रिवेदी की पत्नी कंचन त्रिवेदी को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है। मंगलवार को जमानती आदेश माती स्थित सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट में दाखिल किया गया। अब मामले में चार्जशीट लगने तक कंचन को गिरफ्तारी से राहत मिल गई है।
एसआईटी की जांच में सामने आया था कि विकास दुबे के खास गुर्गा गुड्डन त्रिवेदी उर्फ अरविंद की पत्नी कंचन त्रिवेदी ने फर्जी शपथ पत्र देकर पति का आपराधिक इतिहास छिपाया था। आपराधिक इतिहास छिपा कर गुड्डन ने 2008 में रिवाल्वर का लाइसेंस ले लिया था। इसके बाद कंचन त्रिवेदी पर शिवली कोतवाली में फर्जी शपथ पत्र देने की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। कंचन ने जिला जज के यहां जमानती प्रार्थना पत्र दाखिल किया था जिसे खारिज कर दिया गया था। इस पर उन्होंने हाईकोर्ट से जमानत मांगी थी। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद मंगलवार को कंचन त्रिवेदी के अधिवक्ता अजीत कुमार ने सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट सीमा सिंह के यहां जमानती आदेश दाखिल किया। साथ ही जमानत लेने वालों के अभिलेख कोर्ट में दाखिल किए। जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। कंचन के अधिवक्ता ने बताया कि अग्रिम जमानत मिल गई है, जिसे कोर्ट में दाखिल कर दिया गया है।