वहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में डॉक्टर ने एक पर्ची में दो इंजेक्शन बाहर स्थित मेडिकल स्टोर से लाने के लिए कहा। इस दौरान वहां मौजूद दलाल उन्हें मेडिकल स्टोर तक ले गया। वहां दलाल ने दोनों इंजेक्शन निकलवाए और सिद्धार्थ को देकर 1600 रुपये मांगे।
इस पर सिद्धार्थ ने एक इंजेक्शन 50 रुपये और दूसरा 600 रुपये का होने की बात कह अधिक दाम देने से इनकार कर दिया। इसके बाद मेडिकल स्टोर संचालक व दलाल ने उन्हें जमकर पीट दिया। किसी तरह वह जिला अस्पताल पहुंचे और चौकी में मौजूद होमगार्ड को जानकारी दी। इस पर होमगार्ड ने चौकी प्रभारी को सूचना दी।
मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी राम बहादुर को सिद्धार्थ से तहरीर दी है। चौकी प्रभारी राम बहादुर ने बताया कि सिद्धार्थ शराब के नशे में धुत था। उसने तहरीर दी है। इस पर शनिवार को दूसरे पक्ष को बुलाया गया था, लेकिन सिद्धार्थ आए नहीं। वहीं, डॉक्टर ने मरीज को हैलट के लिए रेफर कर दिया।
अस्पताल में दलाल चिह्नित नहीं कर पा रही पुलिस
जिला अस्पताल में 24 घंटे दलालों का बोलबाला रहता है। इसके बाद भी अस्पताल पुलिस दलालों को चिह्नित नहीं कर पा रही। उन्हें सीएमएस और डॉक्टर की शिकायत का इंतजार है। चौकी प्रभारी राम बहादुर ने बताया कि कोई शिकायत करे तो कार्रवाई की जाए।
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। सोमवार को मामले की जानकारी करके इमरजेंसी डॉक्टर से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। अस्पताल से बाहर की दवा लिखना बिल्कुल गलत है। -डॉ. खालिद रिजवान, सीएमएस
मामला संज्ञान में नहीं है। मेडिकल स्टोर पर दवा की ओवररेटिंग करना गलत है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। -रेखा सचान, ड्रग इंस्पेक्टर