कानपुर देहात। जनपद के सीएमओ ऑफिस में 60 निजी अस्पताल पंजीकृत हैं। इनमें से 10 अस्पतालों में मेडिकल स्टोर संचालन के लिए औषधि विभाग से लाइसेंस जारी किया गया है।
इसके बाद भी हर अस्पताल में अपना मेडिकल स्टोर चल रहा है। यहां पर मरीजों से मनमाने तरीके से वसूली की जा रही है। सब कुछ जानकार भी स्वास्थ्य महकमा अनजान बना है।
अकबरपुर ब्लॉक में 15 से ज्यादा ऐसे अस्पताल हैं, जिनमें मेडिकल स्टोर संचालित हो रहा है। यहां मरीजों से दवा के मनमाफिक रुपये भी वसूल रहे हैं। इसी तरह रसूलाबाद, शिवली और संदलपुर क्षेत्रों में भी अस्पतालों के अंदर बिना लाइसेंस मेडिकल स्टोर चल रहे हैं।
लंबे समय से चल रहे इन मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई के नाम पर औषधि विभाग अनजान बना है। जबकि, लोगों की ओर से कई बार इसकी शिकायत भी जा चुकी है। इस पर अधिकारी गोपनीय तरीके से जांच कर कार्रवाई की बात कहते हैं।
मरीज को देने के बाद दोबारा स्टोर पहुंच जाती दवा
जनपद के कई अस्पताल ऐसे हैं जहां पर मरीजों के उपचार के नाम पर तीमारदारों को दवाओं की लंबी चौड़ी सूची थमा दी जाती है। तीमारदार अस्पताल के ही मेडिकल स्टोर से यह दवाएं खरीद कर ले जाते हैं। इसके बाद चिकित्सा स्टाफ इन दवाओं को फिर से वहीं मेडिकल स्टोर में पहुंचा देते हैं।
कई प्राइवेट अस्पतालों के अंदर गैर कानूनी तरीके से मेडिकल स्टोर संचालित होने की जानकारी मिली है। उन्हें चिह्नित किया जा रहा है। जल्द ही छापामार कर कार्रवाई की जाएगी। - रेखा सचान, औषधि निरीक्षक।