पांच माह में पूरी हुई सुनवाई
सहायक शासकीय अधिवक्ता अमित सिंह चौहान ने बताया कि मामले की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद विवेचक ने एक माह में विवेचना पूरी कर आरोप पत्र 21 दिसंबर 2022 को अदालत में दाखिल किया था। अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान 21 मार्च 2023 को आरोप तय किए थे। अदालत ने मामले की त्वरित सुनवाई करते हुए करीब पांच माह में अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषसिद्ध किया है।