कानपुर देहात। अकबरपुर में कानपुर-इटावा हाईवे पर केटीएल के पास हुए हादसे में एनएचएआई की लापरवाही चार जिंदगियों पर भारी पड़ी। एनएचएआई का टैंकर अक्सर हाईवे पर ग्रीन बेल्ट में लगे पौधों की सिंचाई करता है।
टैंकर के पीछे न तो संकेतक रखे जाते हैं और न ही लाल झंडी लेकर कोई कर्मचारी चलता है। इससे अक्सर दुर्घटनाएं होती है। बुधवार को भी एनएचएआई ने यही लापरवाही की। इससे औरैया से कानपुर जा रही कार टैंकर में पीछे से टकरा गई और पिता-पुत्र समेत चार लोगों की मौत हो गई। अधिकारी अब जांच कराने की बात कह रहे हैं।
भारी भरकम टोल टैक्स लेने के बाद भी सुविधाएं देने व नियमों के पालन के नाम पर एनएचएआई की ओर से आए दिन लापरवाही की जाती है। हाईवे के गड्ढे तो कभी पत्थर पड़े होने से दुर्घटना होने की बात सामने आती है।
कई बार तो खराब वाहन कई दिन तक हाईवे पर ही खड़े रहते हैं। इन्हें नहीं हटाने से आए दिन दूसरे वाहन इनसे टकराकर हादसे का शिकार होते हैं। दो दिन पहले मुंगीसापुर के पास हाईवे पर बड़ा पत्थर पड़े होने से कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी।
इसमें राजस्थान निवासी एक ही परिवार की दो महिलाओं समेत तीन लोग घायल हो गए थे। वहीं, बुधवार को औरैया के चार लोगों की मौत के बाद एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें एक टैंकर हाईवे की ग्रीन बेल्ट में पानी डालते दिख रहा है। इसके पीछे से एक कार टकराती दिख रही है।
वीडियो को देखने के बाद हर कोई एनएचएआई की लापरवाही पर टिप्पणी कर रहा है। हालांकि एनएचएआई के लोग इसे लापरवाही मानने को तैयार नहीं है। वहीं, एसडीएम से लेकर एसपी तक इसे एनएचएआई की तरफ से नियमों का पालन न करने की बात मान रहे हैं।
इसकी जांच कराने की बात भी कही जा रही है। नियमानुसार सिंचाई के दौरान हाईवे पर टैंकर के पीछे संकेतक लगाकर वाहन चालक को गति धीमी करने के लिए सतर्क किया जाना चाहिए, जबकि वहां ऐसा नहीं किया गया था।
ग्रीन बेल्ट की सिंचाई के लिए टैंकर तीन से पांच किमी प्रति घंटा की गति से चलकर पानी डाल रहा था। उसके पीछे संकेतक रखे थे। कार चालक ने इसे नहीं देखा और पीछे से जाकर टकरा गया। इसमें एनएचएआई की कोई लापरवाही नहीं है। - मनोज शर्मा, डीजीएम, बारा टोल
घटना स्थल का निरीक्षण करने के साथ ही मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया है। एनएचएआई की लापरवाही सामने आई है। डीएम के माध्यम से एनएचएआई को पत्राचार किया जाएगा। नियमों की अनदेखी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई होगी। घटनास्थल पर न पहुंचने व उच्चाधिकारियों को सूचना न देने पर कोतवाल अकबरपुर को कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। - स्वप्निल ममगाई, एसपी