बारा स्थित राजकीय बालिका हाईस्कूल का भवन। (संवाद)
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कानपुर देहात। जनपद के चार राजकीय हाईस्कूलों को इंटरमीडिएट तक उच्चीकृत करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इन विद्यालयों में करीब 6.32 करोड़ रुपये से जरूरी कक्षा कक्ष बनाए जाएंगे। इससे आगे की पढ़ाई के लिए छात्रों को भटकना नहीं पड़ेगा। सब कुछ ठीक रहा तो शैक्षिक सत्र 2022-23 से उच्चीकृत कक्षाओं में पढ़ाई शुरू होने की उम्मीद है।
राजकीय हाईस्कूलों में पढ़ाई निशुल्क है। केवल किताबें, कॉपी और ड्रेस आदि का प्रबंध अभिभावकों को करना होता है। मेधावी बच्चों को वजीफा भी मिलता है। कम आय वर्ग के बच्चों को अच्छी शिक्षा मुहैया कराने में राजकीय स्कूलों की महती भूमिका है। जनपद में 12 राजकीय हाईस्कूल है।
इसमें छह राजकीय बालिका हाईस्कूल हैं, लेकिन सभी में सह शिक्षा का प्रबंध है। पिछले दिनों मानक पूरे करने वाले राजकीय हाईस्कूलों को इंटरमीडिएट तक उच्चीकृत करने का प्रस्ताव मांगा गया था। सर्वे और मानक पूरे करने के आधार पर खाका तैयार किया गया।
इसमें अकबरपुर ब्लॉक में राजकीय बालिका हाई स्कूल बारा, संदलपुर ब्लॉक में राजकीय बालिका हाई स्कूल पिंडाथू (जमौरा), झींझक ब्लॉक में राजकीय बालिका हाई स्कूल मंगलपुर और रसूलाबाद ब्लॉक में राजकीय बालक हाई स्कूल जोत को उच्चीकृत करने का प्रस्ताव अपर राज्य परियोजना निदेशक उप्र माध्यमिक शिक्षा अभियान, लखनऊ को भेजा गया है।
मानक पूरे करने वाले जनपद के चार राजकीय हाईस्कूलों को इंटरमीडिएट तक उच्चीकृत करने का प्रस्ताव निदेशालय भेजा गया है। शासन की मंजूरी के बाद भवन निर्माण का काम शुरू होगा। राजकीय हाईस्कूलों के उच्चीकृत होने का फायदा छात्रों को मिलेगा। - अरविंद कुमार द्विवेदी, डीआईओएस