कानपुर देहात। कभी बारिश तो कभी धूप होने के चलते लोगों को बुखार, जुकाम और सिर दर्द की समस्या आ रही है। रविवार को 28 पीएचसी में आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में ऐसे 265 मरीज आए।
डॉक्टरों ने सभी को दवा दी और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान रखने की सलाह दी। वहीं, मेले से जल्द चले जाने पर कहिंजरी व पहाड़ीपुर पीएचसी के एक-एक चिकित्सक का वेतन काटने व जवाब तलब करने के निर्देश सीएमओ ने दिए हैं।
राजपुर पीएचसी में आयोजित मेले में कस्बे के अरुण सिंह इलाज के लिए पहुंचे। उन्होंने डॉक्टर को बताया कि बारिश में भीगने की वजह से बुखार, जुकाम और खांसी आ रही है। इस पर डॉक्टरों ने दवा देकर साफ-सफाई पर ध्यान देने को कहा।
इसी तरह राजपुर पीएचसी में सुबोध दीक्षित इलाज के लिए पहुंचे। उन्होंने बताया कि एक दिन बारिश में भीगने के बाद से लगातार बुखार आ रहा है। आंखों में कीचड़ जैसा आने की समस्या है। इस पर डॉक्टरों ने ब्लड की जांच कर दवाएं दी। राजपुर में बुखार पीड़ित 18 मरीज पहुंचे।
सरवनखेड़ा पीएचसी में गजनेर के शिवम सिंह अपने पिता शिवराम को लेकर पहुंचे थे। शिवम ने डॉक्टरों को बताया कि पिता के पैरों में अक्सर दर्द बना रहता है। इस पर डॉक्टरों ने एक्सरे कराने की सलाह देकर कुछ दवाएं दीं।
इसी तरह जनपद की 28 पीएचसी में बुखार, जुकाम और खांसी के 265 मरीज पहुंचे। सरवनखेड़ा पीएचसी प्रभारी डॉ. विशाल दिवाकर ने मरीजों से बारिश का पानी कहीं जमा न होने दें, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने को कहा।
वहीं, मेले की व्यवस्था देखने के लिए सीएमओ डॉ. एके सिंह व डिप्टी सीएमओ डॉ. एपी वर्मा ने पीएचसी मैथा स्टेशन, शिवली, औनाहां, कहिंजरी और पहाड़ीपुर का निरीक्षण किया।
कहिंजरी पीएचसी में डॉ. नरेश चंद्रा दोपहर ढाई बजे और पहाड़ीपुर पीएचसी में डॉ. रिद्धिमा दोपहर तीन बजे मेले से चली गईं थी। दोनों के वेतन काटने और स्पष्टीकरण लेने के लिए सीएमओ ने अधीक्षक को निर्देशित किया।
औनहां पीएचसी में निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. एके सिंह से मानव सेवा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष त्रिवेदी ने कर्मचारियों के देरी से आने की शिकायत भी की। इस पर सीएमओ ने कर्मचारियों की निगरानी कराने की बात कही। जरसेन, रनियां, मलासा पीएचसी का एसीएमओ डॉ. एसएल वर्मा ने निरीक्षण किया तो सभी डॉक्टर मिले।